बिहार के समस्तीपुर में दिखा दुर्लभ 'जल बवंडर', पानी की सतह से आसमान तक बनी कीप
Bihar Water Tornado:बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड में 26 सितंबर को एक दुर्लभ जल बवंडर देखा गया, ...और पढ़ें

समस्तीपुर के मोहिउद्दीन प्रखंड क्षेत्र में 26 सितंबर को जल बवंडर देखा गया। फोटो: इंटरनेट मीडिया
HighLights
समस्तीपुर में 26 सितंबर को दुर्लभ जल बवंडर देखा गया।
यह पानी की सतह पर हवा का तेजी से घूमने वाला स्तंभ है।
जल बवंडर दो प्रकार के होते हैं: तूफानी और सामान्य मौसम वाले।
डिजिटल डेस्क, समस्तीपुर। Waterspout In Samastipur: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक अद्भुत और दुर्लभ प्राकृतिक नजारा देखने को मिला है। जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र में 26 सितंबर को जल बवंडर (Waterspout) देखा गया।
पानी की सतह से लेकर बादलों तक फैली इस रहस्यमयी आकृति को देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए और इलाके में यह घटना कौतूहल का विषय बन गई। आईएमडी पटना ने अपनी एक्स पोस्ट में भी इसकी जानकारी साझा की है।
क्या होता है जल बवंडर
विज्ञान की भाषा में जल बवंडर यानी वाटरस्पाउट पानी की सतह पर हवा का एक तेजी से घूमने वाला स्तंभ होता है।
यह कीप (Funnel) के आकार में दिखाई देता है, जो ऊपर आसमान में मौजूद बादलों से सीधे जुड़ा होता है। यह नजारा आमतौर पर किसी बड़ी झील, नदी या समुद्र जैसी जलीय सतह के ऊपर ही बनता है।
कैसे बनती है यह आकृति
आमतौर पर लोगों को लगता है कि जल बवंडर नीचे से पानी को ऊपर खींचता है, जबकि असल में ऐसा नहीं है। इसके अंदर दिखने वाला अधिकांश पानी नीचे से नहीं खिंचता, बल्कि बादलों में होने वाले संघनन (Condensation) के कारण बनता है। यह मुख्य रूप से दो अलग-अलग प्रकार का होता है।
दो प्रकार का बवंडर
पहला तूफानी (Tornadic) जल बवंडर होता है, जो जमीन पर आने वाले बवंडर की तरह ही बेहद खतरनाक और विनाशकारी होता है। दूसरा सामान्य मौसम वाला (Fair-weather) होता है, जो कम शक्तिशाली होता है और जैसे ही तट या जमीन से टकराता है, पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
A waterspout was observed over Mohiuddin Nagar Block, Samastipur district, Bihar, on 26 September 2026. pic.twitter.com/0Bb8QLairO
— Mausam Bihar- IMD Patna (@imd_patna) September 27, 2026
