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समस्तीपुर। उजियारपुर, प्रखंड के गांवपुर, मालती, बेलारी, चांदचौर मध्य, चांदचौर पूर्वी, चांदचौर पश्चिमी, नाजिरपुर, निकसपुर, महिसारी सहित अन्य सभी पंचायतों में पानी की घोर किल्लत हो गई है। लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। गरीब लोग अपना प्रतिदिन अपना अधिक समय पानी जुटाने में ही लगाते हैं। स्थिति यह है कि गांव के अधिकांश चापाकल ने पानी देना बंद कर दिया है। वहीं सरकारी व्यवस्था नदारद है। नल-जल योजना का काम अधर में लटका हुआ है। वहीं चांदचौर मथुरापुर में पीएचईडी विभाग से की जा रही पानी आपूर्ति का मेन पाईप क्षतिग्रस्त होने से लोगों के घर तक दूषित पानी पहुंच रहा है। मजबूरी में उसी पानी को पीने को लोग मजबूर हैं। पानी किल्लत की मुख्य वजह वर्षा पर्याप्त नहीं होने के कारण भू-गर्भीय जल का स्तर 35 से 40 फीट नीचे जाना बताया गया है।

नल जल योजना लोगों की प्यास मिटाने में विफल

मालती, बेलारी, लखनीपुर महेशपट्टी सहित अन्य पंचायतों में नल जल योजना के तहत अभिकर्ता अबतक सिर्फ पाईप बिछाकर योजना की खानापूरी करने में लगे हैं। लोगों के घरों तक पानी आपूर्ति नहीं की गई है। मालती पंचायत के कई दलित और महादलित टोला के लोग दूर से पानी लाकर अपना काम चलाते हैं। गांव में बो¨रग चलते वक्त सभी चापाकल बिल्कुल बंद हो जाते हैं। नल जल योजना का काम सभी पंचायतों में करीब एक वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था। पंरतु एक-दो जगह को छोड़कर कहीं भी योजना का काम पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में इस योजना का लक्ष्य लोगों का जल संकट दूर करने में विफल साबित हो रहा है। गांवपुर के ग्रामीण पुराने चापाकलों को ठीक करने का प्रयास करते हैं। परंतु उनके प्रयास कारगर नहीं हो पाते। क्या कहते हैं लोग फोटो: 18 एसएएम 38

चांदचौर मध्य पंचायत के वार्ड 5, 6, 11 तथा 12 में योजना की शुरूआत की गई। एक साल में किसी भी वार्ड में 25 प्रतिशत भी काम नहीं हो पाया। लोग पानी की समस्या से काफी परेशान हैैं।

डा. मुकेश कुमार राय, चांदचौर मध्य

फोटो: 18 एसएएम 39

चांदचौर मथुरापुर के लोग दूषित पानी पी रहे है। पीएचईडी विभाग द्वारा पानी सप्लाई के लिए प्रयोग किया गया पाइप यत्र-तत्र फट गया है। कचरे से भरे गड्ढ़े से पानी गुजरता है। जिससे दूषित पानी भी पीने की पानी के पाईप में प्रवेश करता है।

मणिकांत चौधरी

फोटो: 18 एसएएम 40

गांवपुर पंचायत में सरकारी चापाकल बेकार हो चुका है। यहां के लोग पीने का पानी अपने निजी साधनों से ही जुगार कर लेते हैं। सरकारी बो¨रग नियमित रूप से नहीं चलाया जाता है। नल-जल योजना का काम अधर में लटका दिया गया है।

परमानंद ¨सह, पूर्व पंचायत सदस्य फोटो: 18 एसएएम 41

बेलारी पंचायत का अधिकांश चापाकल पानी नहीं दे रहा है। नल-जल योजना के तहत लाखों रुपये की निकासी कर ली गई। परंतु काम नहीं किया गया। यहां की जनता की शिकायत सुनकर भी विभागीय पदाधिकारी मौन बैठे हैं।

अशोक पुष्पम, बेलारी

फोटो: 18 एसएएम 42

मालती पंचायत के वार्ड 1, 5 तथा 9 में नल जल योजना एक साल में भी पूर्ण नहीं हो पाया। जलस्तर नीचे जाने के कारण यहां के ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे है। विभागीय पदाधिकारी को युद्धस्तर पर इसकी व्यवस्था करनी चाहिए।

राजेंद्र प्रसाद ¨सह, पूर्व मुखिया, मालती

Posted By: Jagran

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