समस्तीपुर । नगर थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित पालीवाल ड्रग एजेंसी में दवा व्यवसायी से हुई लूट मामले में पुलिस ने हथियार समेत दो अपराधियों को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक देसी पिस्टल, कारतूस व लूट की एक पल्सर बाइक बरामद हुई है। बता दें कि इससे पूर्व भी पुलिस ने लूटकांड मामले में हथियार समेत दो को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, लूटकांड का मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की नजरों से ओझल है। आरोपित के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। शनिवार को मुफस्सिल थाना में प्रेस वार्ता कर सदर डीएसपी प्रितिश कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली कि ड्रग व्यवसायी लूटकांड का मास्टरमाइंड मालगोदाम चौक निवासी मनीष कुमार राम उर्फ मन्नी राम उर्फ मनिया अपने अन्य सहयोगियों के साथ जितवारपुर कॉलेज फील्ड में बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में है। प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उक्त स्थल पर घेराबंदी कर छापेमारी की। इस क्रम में एक देसी पिस्टल, कारतूस व लूट की बाइक समेत दो अपराधियों को गिरफ्तार किया। वहीं, लूटकांड का मास्टरमाइंड मणि राम उर्फ मनिया और चीनी मिल चौक निवासी लाल बाबू राय के पुत्र राहुल कुमार उर्फ चुसनी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के चीनी मिल चौक निवासी इमामुल हक के पुत्र गुलाम अहमद उर्फ राजा और मुफस्सिल थाना के विक्रमपुर बांदे निवासी मनोज यादव के पुत्र अभिषेक कुमार उर्फ हनी के रुप में हुई है। गिरफ्तारी आरोपितों ने पूछताछ में लूटकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। छापेमारी दल में मुफस्सिल थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य, नगर थानाध्यक्ष सीताराम प्रसाद, पुअनि संजय कुमार, सेक्टर मोबाइल गणेश समेत सशस्त्र बल के जवान मौजूद रहे। गिरफ्तार आरोपित का रहा है आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार अपराधी गुलाम अहमद का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 28 जनवरी 2017 को नगर थाना क्षेत्र के काली मंदिर के बगल में समस्तीपुर मुजफ्फरपुर रेलवे लाइन पर एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या, दरभंगा के मनी थाना कांड संख्या 411/19 हत्या के प्रयास, मुफस्सिल थाना कांड संख्या 550/19 समेत कई संगीत मामले दर्ज हैं। हाल में विगत एक सप्ताह के बीच समस्तीपुर-पूसा मार्ग में गरुआरा चौर के समीप बाइक लूट समेत दो घटनाएं हुई। इस घटना में भी आरोपित ने संलिप्तता स्वीकार की है। कॉमर्स क्लासेज से क्राइम तक

पुलिस गिरफ्त में आरोपितों ने कई मामले का पर्दाफाश किया है। विक्रमपुर बांदे निवासी अभिषेक कुमार उर्फ हनी काफी दिनों से मनिया गिरोह के संपर्क में था। शहर के एक कॉमर्स क्लासेज में पढ़ाई के दौरान उसे मनि राम उर्फ मणिया से मुलाकात हुई। पैसे के लालच में उसके लिए काम करने लगा। घटना के तीन दिन पूर्व मास्टर माइंड मनि राम उर्फ मणिया ने अपने घर पर अमजद समेत अन्य साथियों को बुलाकर लूटकांड की साजिश रची गई थी। अपराधियों को हथियार भी मुहैया कराया था। घटना के बाद भागने के लिए अभिषेक उर्फ हनी ने ही अपराधियों को रास्ता दिखाया था। इससे पूर्व भी दो गुटों में वर्चस्व को लेकर अभिषेक उर्फ हनी के पेट में गोली लगी थी। हालांकि, वे बाल बाल बच गया। पूर्व में भी लूटकांड के दो आरोपितों की हो चुकी है गिरफ्तारी

इससे पूर्व भी लूटकांड में दो आरोपित मुफस्सिल थाना के भमरुपुर निवासी शहिद के पुत्र अमजद और मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बीएलौथ निवासी अशोक महतो के पुत्र राजू उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। बता दें कि 09 अक्टूबर की रात आधा दर्जन नकाबपोश हथियारबंद अपराधियों ने ड्रग एजेंसी में दवा व्यवसायी को बंधक बनाकर सात हजार रूपये लूट लिया था। यह पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। इस बाबत पीड़ित व्यवसायी द्वारा नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

Posted By: Jagran

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