समस्तीपुर। वायरल बुखार व निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बुधवार को सदर अस्पताल में दो बच्चे को भर्ती किया गया। इसमें समस्तीपुर प्रखंड क्षेत्र के रानी टोल निवासी राकेश कुमार के नौ महीने की पुत्री अदिति भारती को गंभीर हालत में भर्ती किया गया। इसके अलावा एक अन्य बच्चे का भी इलाज चल रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नागमणि राज ने बताया कि जांच के क्रम में एक्सप्रेशनल निमोनिया से पीड़ित होने की बात सामने आई है। इसके अलावा ओपीडी में भी वायरल बुखार को लेकर इलाज कराने वालों की संख्या बढ़ गई है। बीते कुछ दिनों में रोटावायरस, इन्फ्लुएंजा वायरस, राइनोवायरस समेत अन्य वायरस का प्रभाव बढ़ा है। इसकी चपेट में आकर ज्यादातर बच्चे बीमार हो रहे हैं। पीड़ित बच्चों में निपाह के साथ डेल्टा प्लस के लक्षण पर नजर है। हालांकि अब तक भर्ती बच्चों में निपाह या डेल्टा प्लस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।

करीब एक पखवारे से सर्दी-खांसी, तेज बुखार, दम फूलना, निमोनिया जैसी शिकायतों से आक्रांत बच्चों की संख्या बढ़ी है। पर स्थिति यह है कि सदर अस्पताल में अब तक बच्चों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। बीमार बच्चों के हर एक्शन पर नजर

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नागमणि राज ने बताया कि अभी किसी दूसरी बीमारी के कोई लक्षण बीमार बच्चों में नहीं हैं। अभी जो बच्चे भर्ती हैं वह वायरल बुखार से पीड़ित हैं। चार से पांच दिन में वह स्वस्थ हो रहे हैं। निजी नर्सिंग होम में बीमार पड़ रहे बच्चे

शहर के निजी नर्सिंग होम में भी बीमार बच्चों की भीड़ देखी जा रही है। शहर के चिकित्सकों की मानें तो कुछ मामले वायरल निमोनिया के भी आ रहे हैं। वह अभिभावक को जागरूक रहने पर जोर देते है। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी परेशान हैं। पांच से छह दिन में भी बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पा रही है। सर्दी-जुकाम व बुखार से चार से 10 साल के बच्चे तक प्रभावित

विगत एक सप्ताह में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में सर्दी-जुकाम व बुखार ने अपने पांव तेजी से पसारा है। एक महीने से लेकर चार साल, आठ साल, 10 साल तक हर उम्र के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे है। वायरल बुखार कम उम्र के बच्चों को ज्यादा तकलीफ बढ़ा रहा है। चार माह के बच्चों की पसली तेज चलने, बेचैनी जैसी शिकायत भी देखने को मिल रही है।

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