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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लापरवाही की आग! ट्रेन से बारूद लेकर 1250 किमी तक सफर, रोकने वाला कोई नहीं; यहां समझें Intercity Express में कैसे हुआ धमाका

By Prakash KumarEdited By: Mukul Kumar
Published: Thu, 16 Nov 2023 03:05 PM (IST)

इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्री के बैग में रखे बारूद की वजह से धमाके के साथ ही आग लग गई। इससे ...और पढ़ें

इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्री के बैग में रखे बारूद की वजह से धमाका
इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्री के बैग में रखे बारूद की वजह से धमाका

HighLights

  1. समस्तीपुर जंक्शन के होम सिग्नल पर इंटरसिटी एक्सप्रेस में हुआ धमाका
  2. आग लगने के बाद पूरी बोगी में भर गया धुआं, यात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए चेन पुलिंग कर रोकी ट्रेन

प्रकाश कुमार, समस्तीपुर। समस्तीपुर जंक्शन के होम सिग्नल पर इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्री के बैग में रखे बारूद में घर्षण होने की वजह से धमाके के साथ ही आग लग गई। इससे बोगी में धुआं भी हो गया।

बोगी में सवार यात्रियों ने अगर तत्परता नहीं दिखाई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था, हालांकि, बैग में यात्री के पुत्र का अधजला आधार कार्ड मिलने से पुलिस ने उसे आसानी से पकड़ लिया। उसका हाथ भी जल गया था। ट्रेन की बोगी में बारूद लेकर सफर करने से रेलवे का जागरूकता और सतर्कता अभियान पूरी से फेल हो गया।

यात्री दिल्ली से करीब 1200 किलोमीटर का सफर तय कर स्पेशल ट्रेन से बरौनी स्टेशन पहुंचा। इसके बाद वह बरौनी स्टेशन से इंटरसिटी एक्सप्रेस में 50 किलोमीटर सफर करते हुए समस्तीपुर होते हुए सकरी स्टेशन के लिए यात्रा कर रहा था। घटना के बाद समस्तीपुर रेल मंडल में हाई अलर्ट कर दिया गया है।

हादसा के बाद 20 मिनट तक रुकी रही ट्रेन

बरौनी से 11:12 बजे खुलने के बाद 12:50 बजे ट्रेन समस्तीपुर जंक्शन पर पहुंची थी। पांच मिनट ठहराव के उपरांत 12:55 बजे ट्रेन प्रस्थान कर गई। इसी बीच होम सिग्नल के समीप ट्रेन पहुंचते ही घर्षण की वजह से बारूद में धमाके के साथ ही आग लग गई।

बैग में आग लगी देखकर अन्य यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। तत्काल चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई। इसके बाद आग लगे बैग को ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। इससे ट्रेन करीब 20 मिनट तक रुकी रही।

घटना के बाद मौके पर पहुंची डॉग स्कवाड टीम

घटना की सूचना मिलते ही रेल महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद आरपीएफ डॉग स्कवाड के साथ मौके पर पहुंची। इसके साथ ही प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई। आरपीएफ व जीआरपी ने बोगी में भी जांच की। सबकुछ सामान्य रहने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।

जांच के क्रम में बैग की कबूल यात्री ने नहीं की। बाद में जले हुए बैग की तलाशी के क्रम में ई-श्रम कार्ड और एक बच्चे का आधार कार्ड मिला। उससे मधुबनी जिले के लौकही थाना क्षेत्र के भपटियाही पोस्ट अंतर्गत सखुआ गांव निवासी अरविंद मंडल की पहचान हुई।

उसके किशोर पुत्र का आधार कार्ड मिला। इसी इनपुट के आधार पर दरभंगा स्टेशन पर ट्रेन के आगमन से पूर्व ही जांच टीम चौकस हो गई। जांच के दौरान पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया गया।

पकड़े जाने पर अधिकतम पांच साल की होती है जेल

रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेनों में ज्वलनशील पदार्थ और विस्फोटक पूरी तरह प्रतिबंधित है। पकड़े जाने पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाती है। इसके लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। दिल्ली स्टेशन पर स्टेशन पर एकीकृत सुरक्षा प्रणाली लागू है। गेटों पर मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर लगे हैं।

चप्पे-चप्पे पर रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती है। अगर लापरवाही की यही स्थिति रही तो कभी भी आग धधक सकती है। यह तब है, जब रेलवे स्टेशन परिसर व ट्रेनों में ज्वलनशील पदार्थ और विस्फोटक ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, केरोसिन आयल, फिल्म की रील, स्टोव, पटाखा व बारूद आदि ज्वलनशील पदार्थ और विस्फोटक लेकर स्टेशन परिसर नहीं जा सकते हैं। न ही ट्रेनों में यात्रा कर सकते हैं।

ज्वलनशील पदार्थ और विस्फोटक के साथ पकड़े जाने पर रेलवे एक्ट के तहत न्यूनतम 500 रुपये जुर्माना से लेकर पांच साल की जेल या दोनों का प्रविधान है।

महिला ने सुनाई आपबीती

दरभंगा जिले के कादरचक गांव निवासी रानी देवी ने बताया कि समस्तीपुर जंक्शन से ट्रेन खुलने के बाद ही बोगी में जोरदार आवाज होने के साथ बैग में आग लग गई। इ

सके बाद चिंगारी निकलने लगी। इसी क्रम में वह झुलस गई। इसके बाद बोगी में धुआं हो गया। फिर यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी। इसके बाद जलते हुए बैग को ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया।

इंटरसिटी एक्सप्रेस में एक यात्री बारूद लेकर यात्रा कर रहा था। जिसमें आग लगने की सूचना मिली। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी तत्काल मौके पर पहुंच कर जांच की। घटना के कारण आउटर पर ट्रेन 20 मिनट तक रुकी रही। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ट्रेन परिचालन किया गया।

विनय श्रीवास्तव, मंडल रेल प्रबंधक, समस्तीपुर।

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