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ट्रेन के लिए गाड़ी रोकने की नहीं पड़ेगी जरूरत, सोनपुर रेल मंडल की 27 क्रॉसिंग पर ROB बनाने की प्रक्रिया शुरू

Published: Tue, 15 Sep 2026 02:33 PM (IST)

सोनपुर रेल मंडल में 27 समपार फाटकों को रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो

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HighLights

  1. सोनपुर मंडल में 27 समपार फाटकों पर आरओबी निर्माण की पहल।

  2. डीपीआर सहित प्रारंभिक तकनीकी कार्यों के लिए टेंडर जारी।

  3. समस्तीपुर जिले के चार महत्वपूर्ण फाटक भी योजना में शामिल।

मनीष कुमार राय, समस्तीपुर। सोनपुर रेल मंडल में समपार फाटकों को खत्म कर उनके स्थान पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाने की दिशा में पहल शुरू कर दी गई है। मंडल के 27 समपार फाटकों को आरओबी निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है।

इन स्थानों पर आरओबी निर्माण से पहले जेएफआर, जीएडी, डीपीआर, लैंड प्लान और मिट्टी की जांच समेत अन्य तकनीकी कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए रेलवे की गातिशक्ति यूनिट, सोनपुर की ओर से टेंडर जारी किया गया है।समस्तीपुर जिले से जुड़े चार समपार फाटक भी योजना में शामिल हैं।

इनमें पूसा रोड-कर्पूरीग्राम स्टेशन के बीच फाटक संख्या 62बी, नाजिरगंज-दलसिंहसराय के बीच फाटक संख्या 38ए तथा सीहो-ढोली स्टेशन के बीच फाटक संख्या 79 और 83 शामिल हैं।

इन फाटकों पर आरओबी बनने से आसपास के लोगों को रेलवे लाइन पार करने में सुविधा होगी और सड़क यातायात को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

रेलवे की ओर से जारी टेंडर में 27 समपार फाटकों के लिए ज्वाइंट फील्ड रिपोर्ट (जेएफआर), जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी), डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर), लैंड प्लान और सॉयल इन्वेस्टिगेशन तैयार कराने का प्रावधान किया गया है। इस कार्य के लिए टेंडर की अनुमानित राशि करीब 2.02 करोड़ रुपये रखी गई है।

यह राशि आरओबी निर्माण की लागत नहीं है, बल्कि सर्वे, डिजाइन, डीपीआर, भूमि योजना और मिट्टी की जांच जैसे प्रारंभिक तकनीकी कार्यों पर खर्च होगी। डीपीआर तैयार होने के बाद प्रत्येक आरओबी की निर्माण लागत और अन्य तकनीकी जरूरतों का आकलन किया जाएगा।

कई महत्वपूर्ण रेलखंडों के फाटक शामिल

योजना में सोनपुर रेल मंडल के कई महत्वपूर्ण रेलखंडों के समपार फाटकों को शामिल किया गया है। सूची में हाजीपुर-चकंद, हाजीपुर-गोरौल, गोरौल-सोनपुर, सोनपुर-बनियापुर, बनियापुर-गरौल, बरौनी-समस्तीपुर, समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर और सीहो-ढोली समेत विभिन्न रेलखंडों के फाटक शामिल हैं।

इन फाटकों पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान सड़क यातायात रोकना पड़ता है। व्यस्त समय में फाटक बंद रहने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। आरओबी बनने के बाद सड़क यातायात को रेलवे ट्रैक से अलग रास्ता मिल जाएगा।

इससे वाहनों को ट्रेन के गुजरने और फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं ट्रेनों का परिचालन भी समपार फाटक पर सड़क यातायात के कारण प्रभावित नहीं होगा। इससे रेल और सड़क दोनों यातायात की गति बढ़ने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।

डीपीआर के बाद निर्माण की होगी अगली प्रक्रिया

फिलहाल रेलवे ने परियोजना को जमीन पर उतारने से पहले आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया शुरू की है। डीपीआर में प्रत्येक स्थान पर प्रस्तावित आरओबी की लंबाई, डिजाइन, एप्रोच रोड, भूमि की आवश्यकता, मिट्टी की स्थिति और अनुमानित लागत समेत अन्य बिंदुओं का अध्ययन किया जाएगा।

डीपीआर तैयार होने के बाद आरओबी के वास्तविक निर्माण की लागत और कार्य की रूपरेखा स्पष्ट होगी। इसके बाद निर्माण के लिए अलग से निविदा और अन्य स्वीकृतियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद समपार फाटकों पर सड़क और रेल यातायात के टकराव की स्थिति खत्म होगी। खासकर उन स्थानों पर जहां दिनभर वाहनों और ट्रेनों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां लोगों को जाम और फाटक बंद रहने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही रेल यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से बेहतर होगी।

फाटक संख्या रेलखंड
51 सी हाजीपुर–चक्मक्रंड
53 ए हाजीपुर–चक्मक्रंड
51 सी हाजीपुर–घोसवार
52 ए हाजीपुर–घोसवार
45सी-2इ घोसवार–सराय
38बी1 सराय–भगवानपुर
29 बी -2ई भगवानपुर–गरौल
93 नारायणपुर–सीहो
79 सीहो–ढोली
83 सीहो–ढोली
62 बी पूसा रोड–कर्पूरीग्राम
38 ए नाजिरगंज–दलसिंहसराय
3- सी/टी-2 कारागोला–सेमापुर
11 ए कटिहार–मानसी
43 बरौनी–हाजीपुर
56 ए खगड़िया–बरौनी
49/ बी बछवाड़ा–समस्तीपुर
56 समस्तीपुर–मुजफ्फरपुर
105 मुजफ्फरपुर–सगौली
106 मुजफ्फरपुर–सगौली
8 सी हाजीपुर–मुजफ्फरपुर
6 ए हाजीपुर–मुजफ्फरपुर
5 एस पी हाजीपुर–मुजफ्फरपुर
55 ए हाजीपुर
18 बी कुढ़नी
25 पी आई मुजफ्फरपुर
31 सी भगवानपुर