समस्तीपुर के थानेश्वरस्थान व खुदनेश्वरधाम में सुबह से ही कतार में लगे भक्त, उगना महादेव पर 4 लाख ने किया जलार्पण
समस्तीपुर के थानेश्वरस्थान, विद्यापतिधाम और खुदनेश्वरधाम मंदिरों में सावन की तीसरी सोमवारी पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। दोपहर तक ...और पढ़ें

समस्तीपुर के विद्यापतिधाम मंदिर में सुबह चार बजे से ही कतारबद्ध श्रद्धालु। फोटो: जागरण
HighLights
समस्तीपुर के प्रमुख शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़।
दोपहर तक एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Sawan Somwari Samastipur: सावन की तीसरी सोमवारी पर समस्तीपुर के प्रसिद्ध थानेश्वरस्थान, विद्यापतिधाम एवं खुदनेश्वरधाम मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
सोमवार तड़के से ही इन प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गईं। पूरा मंदिर परिसर और आसपास का इलाका हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से लगातार गूंजता रहा।
उमड़ा आस्था का सैलाब
बालेश्वर स्थान न्यास समिति के कोषाध्यक्ष रत्न शंकर भारद्वाज के अनुसार दोपहर तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे।
देर शाम तक कुल मिलाकर चार लाख से अधिक भक्तों द्वारा बाबा उगना महादेव के दर्शन करने की उम्मीद है। मुख्य पुजारी अमरनाथ गिरि व कामेश्वर गिरि के नेतृत्व में पंडा समाज ने बाबा भोलेनाथ और भक्त कवि विद्यापति जी का भव्य श्रृंगार किया।
रात से ही पूजा शुरू
शृंगार और विशेष आरती के बाद रात करीब दो बजे से ही श्रद्धालुओं का जलाभिषेक शुरू करा दिया गया था। सुबह होते-होते श्रद्धालुओं की कतारें मंदिर परिसर से बाहर निकलकर दूर तक पहुंच गईं।
दूर-दराज के क्षेत्रों से आए महिला, पुरुष, बुजुर्ग, बच्चे और कांवड़िए घंटों कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
गंगाजल से हुआ अभिषेक
भक्तों ने गंगाजल व दूध से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। इसके साथ ही बेलपत्र, धतूरा, आक, भांग, पुष्प और मौसमी फल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। जलाभिषेक के दौरान पूरा वातावरण बोल बम के नारों से पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
रहे कड़े सुरक्षा प्रबंध
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। विद्यापतिनगर में अंचलाधिकारी कुमार हर्ष और थानाध्यक्ष सूरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मंदिर और आसपास मुस्तैद रहा। संवेदनशील 22 स्थानों पर दंडाधिकारियों की तैनाती करने के साथ-साथ मजबूत बैरिकेडिंग से व्यवस्था संभाली गई।
वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी करती रही। न्यास समिति के सदस्य नवीन गिरि, हरिओम गिरि, दीनदयाल गिरि और प्रवीण गिरि व्यवस्थाओं को संभालने में सक्रिय दिखे।
मंदिर के बाहर सजी पूजन सामग्री व प्रसाद की दुकानों से पूरे क्षेत्र में दिनभर भारी चहल-पहल बनी रही।
