समस्तीपुर । भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास का पर्व सोमवार को श्रद्धा भक्ति और हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। चूंकि इस बार का रक्षाबंधन सावन की आखिरी सोमवार को पड़ रहा है, ऐसे में सर्वसिद्धि और आयुष्मान योग पर्व को और खास बनाएंगे। ऐसे होने से इस बार बहनों को भाइयों की कलाई में राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार नहीं करना होगा। ज्योतिषाचार्य पं. रामाकांत ओझा के मुताबिक शुभ ग्रह व नक्षत्रों की मौजूदगी भाई-बहन के स्नेह की डोर को और मजबूत बनाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग होने से भाई और बहन दोनों की मनोकामनाएं पूरी होगी। आयुष्मान योग भाई की कलाई पर बंधने वाले रक्षा सूत्र को और मजबूत करेगा और उसे दीर्घायु बनाएगा। सावन के अंतिम सोमवारी को पूर्णिमा होने से भगवान शिव की कृपा रहेगी।

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सुबह आठ से शुरु हो जाएगा राखी का मुहूर्त

ज्योतिषविदों के अनुसार सुबह भद्रा काल में रक्षाबंधन का कार्य निषिद्ध है। इसलिए सुबह 8 बजे के बाद उत्तम मुहूर्त में राखी बांधने का पुनीत कार्य किया जा सकता है। वैसे सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक सर्वाधिक शुभ मुहूर्त है। दोहपर एक बजे के बाद बारी-बारी से चर, लाभ, अमृत योग है। ---------------------------

भाई की कलाई पर सजेगी देसी राखी

बहनों ने इस रक्षाबंधन में भाई की कलाई पर चाइनीज राखी की जगह देश का प्यार सजाने का फैसला लिया है। बाजार ने भी उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान किया। चाइनीज राखी की बजाय इस बार दुकानों पर देश में बनी स्टोन, मौली, और कार्टून राखियां ही बिकी। इनकी कीमत पांच रुपये से लेकर 300 रुपये हैं। दुकानों पर खरीदारी के लिए पहुंची महिलाएं और युवतियों ने दुकानदारों से स्पष्ट कहा चाइनीज राखी मत दिखाइए। स्वदेश में बनी राखियों के प्रति रुझान ज्यादा देखने को मिला।

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मंडल कारा में बंद कैदियों की कलाई पर बहनें नहीं बांध सकेंगी राखियां

मंडल कारा में 23 मार्च से कैदियों से मुलाकाती की व्यवस्था स्थगित है। इस कारण जेल में बंद भाइयों को बहनें राखी नहीं बांध सकेगी। रक्षाबंधन के त्योहार के मौके पर सुबह से ही हर साल जेल परिसर में बहनों की भीड़ लग जाती थी। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए लगाई गई पाबंदी में बहनें राखी बांधने नहीं आ सकेंगी। हलांकि, कारा विभाग द्वारा बंदियों को उनके परिजनों से बात कराने के लिए वीडियो कांफ्रेंसिग का सहारा लिया गया है। इस व्यवस्था से जेल में जहां कोरोना के संक्रमण का कोई खतरा नहीं होगा, वहीं कैदी सीधे परिजनों को देख कर बात कर सकेंगे। इसके लिए पहले एंड्रायड मोबाइल से जेल के एप पर एजिस्ट्रेशन कराना होता है।

Posted By: Jagran

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