अब हवा से होगी खेतों की रखवाली, समस्तीपुर में खुलेंगे 18 किसान ड्रोन बैंक; ₹500000 तक मिलेगा अनुदान
समस्तीपुर जिले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के लिए 18 किसान ड्रोन बैंक स्थापित किए जाएंगे। इन ...और पढ़ें

समस्तीपुर में 18 किसान ड्रोन बैंक स्थापित होंगे, 5 लाख तक का अनुदान मिलेगा (AI Generated Image)
HighLights
समस्तीपुर में 18 किसान ड्रोन बैंक स्थापित होंगे।
किसानों को ड्रोन सेवा के लिए 5 लाख तक अनुदान।
कृषि में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ेगा।
प्रकाश कुमार, समस्तीपुर। जिले में पहली बार 18 किसान ड्रोन बैंक स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार ने चतुर्थ कृषि रोड मैप अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत इसकी स्वीकृति दी है। विभागीय स्तर पर इसके लिए 1.80 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है।
सामान्य श्रेणी के 15 और अनुसूचित जाति के तीन लाभुकों को किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर योजना का लाभ मिलेगा। केंद्रों के शुरू होने के बाद किसानों को स्थानीय स्तर पर ही फसलों में कीटनाशक, तरल उर्वरक, पोषक तत्व और अन्य कृषि आदानों के छिड़काव के लिए ड्रोन सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
प्रत्येक किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की परियोजना लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। कृषि क्षेत्र में स्नातक आवेदकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम पांच लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा।
वहीं, गैर-कृषि स्नातक आवेदकों को 40 प्रतिशत, अधिकतम चार लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रविधान है। ड्रोन के साथ उससे जुड़े सहायक उपकरण भी योजना में शामिल किए गए हैं।
किसानों को किराये पर मिलेगी ड्रोन सेवा
किसानों को अपने स्तर से ड्रोन खरीदने के लिए बड़ी राशि खर्च नहीं करनी होगी। वे जरूरत के अनुसार कस्टम हायरिंग सेंटर से ड्रोन सेवा ले सकेंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी आधुनिक कृषि तकनीक का इस्तेमाल आसान होगा।
पारंपरिक तरीके से कीटनाशक और तरल उर्वरक के छिड़काव में अधिक श्रम और समय लगता है। ड्रोन से कम समय में बड़े क्षेत्र में समान रूप से छिड़काव किया जा सकता है। इससे मजदूरी और समय की बचत के साथ फसल का जरूरत के समय उपचार संभव होगा।
जिले को 18 ड्रोन बैंक स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक किसान विभाग के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही अन्य कृषि यंत्रों के लिए भी आवेदन शुरू हो गया है। - सुरेन्द्र भारती, उप निदेशक, कृषि यांत्रिकरण, कृषि विभाग, समस्तीपुर
