Bihar News : नेहा के मोबाइल से खुलेगा असली नेटवर्क का राज, SIT खंगाल रही हर कड़ी
समस्तीपुर में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से शराब बरामदगी मामले में गठित एसआईटी अब संगठित नेटवर्क का पता लगा रही है। ...और पढ़ें
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शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार नेहा।
HighLights
एसआईटी स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से शराब बरामदगी की जांच कर रही है।
नेहा का मोबाइल फोन शराब तस्करी नेटवर्क खोलने में अहम कड़ी माना जा रहा है।
परिवार के पुराने शराब मामलों और यात्रा इतिहास की भी जांच हो रही है।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से शराब बरामदगी मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) के सामने अब कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब तलाशे जा रहे हैं।
पुलिस की जांच का दायरा अब बरामद 75 लीटर शराब और गिरफ्तार दो आरोपितों तक सीमित नहीं है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप हरियाणा से बिहार तक किसके निर्देश पर लाई गई, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
मुजफ्फरपुर रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर गठित टीम ने मामले में लिंकेज खंगालना शुरू कर दिया है। जांच में सबसे अहम कड़ी नेहा के मोबाइल फोन को माना जा रहा है।
बता दें कि गिरफ्तारी के समय रेल पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त किया था। पुलिस उसके काल डिटेल, संपर्कों और उपलब्ध डिजिटल जानकारी की जांच कर रही है।
हालांकि, प्रारंभिक जांच में अब तक कोई ऐसा ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। वहीं, गिरफ्तारी के समय नेहा के साथ मौजूद ईशान कुमार का मोबाइल रेल पुलिस को नहीं मिला था। ऐसे में पुलिस उसके मोबाइल और संपर्कों की जानकारी हासिल करने की दिशा में भी काम कर रही है।
शादी में इस्तेमाल की बात पर उठे सवाल
नेहा ने पुलिस को बताया था कि हरियाणा से लाई गई शराब घर में होने वाले वैवाहिक कार्यक्रम में इस्तेमाल के लिए थी। पुलिस अब इस दावे का सत्यापन कर रही है।
जांच में फिलहाल परिवार में किसी तत्काल वैवाहिक कार्यक्रम की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आने की बात कही जा रही है एसआईटी यह जानने की कोशिश कर रही है कि शराब वास्तव में निजी कार्यक्रम के लिए लाई गई थी या किसी को खेप पहुंचाने की योजना थी।
पुलिस के लिए यह भी अहम है कि शराब हरियाणा से किस स्थान से खरीदी गई थी। खरीद के दौरान किस व्यक्ति से संपर्क हुआ, भुगतान किस माध्यम से किया गया और बिहार पहुंचने के बाद खेप किसे सौंपी जानी थी, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
यात्रा की पूरी कड़ी खंगालेगी एसआईटी
मुजफ्फरपुर रेल एसपी ने मामले को गंभीर मानते हुए एसआईटी को नेहा की ट्रैवल हिस्ट्री और उसके लिंकेज की जांच का निर्देश दिया है।
पुलिस यह पता लगाएगी कि नेहा इससे पहले किन-किन स्थानों की यात्रा कर चुकी है और उन यात्राओं के दौरान उसके संपर्क में कौन लोग रहे हैं। शराब की खेप के संभावित स्रोत से लेकर बिहार में उसके संभावित खरीदार तक की कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां इस बात पर भी गौर कर रही हैं कि एसी फर्स्ट क्लास के कूपे का इस्तेमाल क्यों किया गया। पुलिस के अनुसार, शराब की इतनी बड़ी खेप को सामान्य यात्री की तरह ट्रेन से ले जाने के बजाय महंगे और अपेक्षाकृत निजी कूपे में ले जाना सुरक्षा जांच से बचने की कोशिश का हिस्सा था या महज संयोग, यह भी जांच का विषय है।
परिवार के पुराने मामलों को भी जांच से जोड़ा गया
एसआईटी ने नेहा के पारिवारिक सदस्यों से जुड़े पुराने शराब मामलों की जानकारी भी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, उसके पिता संजय कुमार झा को 15 अगस्त 2024 को सिंघिया पुलिस ने शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
वहीं, उसकी बहन निशु झा को दरभंगा उत्पाद विभाग ने 30 नवंबर 2025 को 21 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों मामलों की प्रकृति और वर्तमान मामले के बीच किसी संभावित कड़ी की जांच की जा रही है।
हालांकि, पुलिस के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि परिवार के किसी सदस्य के पुराने मामले को नेहा की वर्तमान भूमिका का आधार न बनाया जाए। एसआईटी मौजूदा मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और संपर्कों के आधार पर ही उसकी भूमिका तथा संभावित नेटवर्क की पुष्टि करेगी।
परिवार की सामाजिक पृष्ठभूमि भी सामने
नेहा सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव के वार्ड-12 की रहने वाली है। उसने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से स्नातक तक की पढ़ाई की है। वह चार बहनों में सबसे छोटी है। उसकी तीनों बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। उसके दो छोटे भाई भी हैं।
परिवार में उसके दादा शशि भूषण झा पिछले करीब 20 वर्षों से पैक्स अध्यक्ष हैं, जबकि मां पुनीता झा आंगनबाड़ी सेविका है। नेहा के साथ गिरफ्तार ईशान कुमार उसकी बड़ी बहन का पति है।
पुलिस अब दोनों के रिश्ते और यात्रा के उद्देश्य के साथ-साथ यह भी जांच रही है कि शराब की खेप लाने में ईशान की भूमिका क्या थी। गिरफ्तारी के समय ईशान का मोबाइल नहीं मिलने के कारण उसकी भूमिका की जांच में यह पहलू महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वाराणसी से मिली थी सूचना
इस पूरे मामले में कार्रवाई से पहले वाराणसी से मिली सूचना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी सूचना के आधार पर समस्तीपुर में ट्रेन के एच-1 कोच के कूप संख्या सात की तलाशी ली गई थी। कूप अंदर से बंद मिला था।
तलाशी की वीडियोग्राफी कराई गई और सामान की जांच के दौरान शराब बरामद हुई थी। अब एसआईटी यह जानने का प्रयास कर रही है कि वाराणसी तक शराब की खेप से जुड़ी सूचना कैसे पहुंची और क्या इस रूट पर पहले भी ऐसी खेप भेजी गई थी।
नेटवर्क तक पहुंचना एसआईटी की प्राथमिकता
रेल पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल शराब की बरामदगी से ज्यादा उसके नेटवर्क का है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हरियाणा से शराब उपलब्ध कराने वाला कौन था, बिहार में इसे लेने वाला कौन था और दोनों के बीच संपर्क किस माध्यम से हुआ।
मोबाइल जांच, यात्रा विवरण, पुराने संपर्क और परिवार से जुड़े मामलों को जोड़कर एसआईटी पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर ही यह स्पष्ट होगा कि नेहा और ईशान केवल शराब की खेप लेकर आने वाले थे या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है।
