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समस्तीपुर में सांप के जहर से जंग लड़ता रहा डॉक्टर, बगल में महिला करती रही झाड़-फूंक

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:32 PM (IST)

Bihar Superstition Case: समस्तीपुर सदर अस्पताल में सांप के डसने के बाद एक युवक का इलाज चल रहा था, जहां ...और पढ़ें

HighLights

  1. सदर अस्पताल में सांप के डसे युवक का इलाज जारी था।

  2. डॉक्टरों ने एंटी-वेनम दिया, महिला झाड़-फूंक में लगी रही।

  3. चिकित्सकों के प्रयासों से युवक की जान बच सकी।

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Superstition News: बिहार के समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार को आधुनिक विज्ञान और अंधविश्वास का एक हैरान करने वाला दृश्य देखने को मिला।

एक तरफ डॉक्टर सांप के जहर से जूझ रहे 25 वर्षीय युवक की जान बचाने में जुटे हुए थे। वहीं दूसरी तरफ मरीज के पास बैठी महिला लगातार झाड़-फूंक करने में व्यस्त रही।

सांप के काटने से बिगड़ी हालत

खानपुर थाना क्षेत्र के इलमासनगर निवासी धनीलाल राम के पुत्र संजय कुमार राम को विषैले सांप ने डस लिया था। सांप के काटने के बाद युवक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

इसके बाद परिजन आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे।

20 एंटी वेनम सुई से बची जान

चिकित्सकों की टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल आपातकालीन उपचार शुरू किया और मरीज को एंटी-स्नेक वेनम के 20 इंजेक्शन दिए।

डॉक्टरों के अथक प्रयास और समय पर मिले सही इलाज से युवक की हालत में सुधार हुआ और उसकी जान बच सकी। हालांकि परिजनों ने डॉक्टरी इलाज के साथ-साथ अंधविश्वास का भी पूरा सहारा लिया।

इमरजेंसी वार्ड में मंत्रोच्चार

परिजनों ने झाड़-फूंक के लिए नत्थुद्वार की रहने वाली महिला भगत दुखनी देवी को अस्पताल परिसर में ही बुला लिया था। महिला भगत मरीज के पास खड़ी होकर उसके पेट पर हाथ रखकर काफी देर तक मंत्र पढ़ती रही।

इमरजेंसी वार्ड में गंभीर इलाज के बीच काफी समय तक यह झाड़-फूंक का सिलसिला चलता रहा।

महिला भगत का अजीब दावा

महिला भगत दुखनी देवी ने बताया कि पीड़ित युवक उसका रिश्तेदार है और खबर मिलने पर वह अस्पताल आई थी।

उसने दावा किया कि झाड़-फूंक से यह पता लगाया जाता है कि इंसान को असली सांप ने काटा है या भूत सांप ने। महिला के अनुसार इस मामले में युवक को वास्तव में जहरीले सांप ने ही काटा था।

देरी होना हो सकता जानलेवा

सदर अस्पताल के डॉक्टर राकेश रोशन चौधरी ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में बिना वक्त गंवाए तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद करने से मरीज की स्थिति बेहद नाजुक हो सकती है और जान भी जा सकती है। सही समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिलना ही मरीज की जिंदगी बचा सकता है।