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समस्तीपुर में बच्चे को लेकर नदी में कूदने पहुंची महिला, लोगों की तत्परता से दोनों की बची जान

Published: Sun, 27 Sep 2026 08:11 PM (IST)

समस्तीपुर के बाजिदपुर रानी पुल के पास एक महिला अपने बच्चे के साथ नदी में कूदने पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ...और पढ़ें

महिला को काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।  वायरल वीडियो

महिला को काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।  वायरल वीडियो

संवाद सहयोगी, विद्यापतिनगर (समस्तीपुर)। Samastipur Woman River Incident: थाना क्षेत्र के बाजिदपुर रानी पुल के समीप रविवार दोपहर एक महिला अपने करीब पांच वर्षीय बच्चे को लेकर गंगा की सहायक वाया नदी में छलांग लगाने पहुंच गई।

महिला के नदी में कूदने से पहले ही वहां मौजूद लोगों की नजर उस पर पड़ गई। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए महिला के हाथ से बच्चे को झपट लिया।

महिला ने नदी में लगाई छलांग

बच्चे को छोड़ने के बाद महिला ने अकेले ही नदी में छलांग लगा दी। महिला को नदी में डूबता देख करीब पांच से दस मिनट बाद एक युवक ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद उसने महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

नदी से बाहर निकालने के बाद स्थानीय लोगों ने महिला को तत्काल इलाज के लिए एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया।

चिकित्सकों ने उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई। घटना की सूचना मिलने पर महिला के स्वजन भी मौके पर पहुंचे और उसे अपने साथ घर ले गए।

गोलू ने दिखाई दिलेरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला बच्चे को लेकर रानी पुल पर मौजूद थी और नदी में छलांग लगाने की तैयारी में थी।

इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तेजी दिखाते हुए उसके हाथ से बच्चे को झपट लिया। महिला के पानी में जाने के बाद कुछ देर तक उसे बचाने के लिए कोई नदी में नहीं उतरा।

इसी बीच बाजार आए चमथा बिंद करोड़ी निवासी गोलू बिंद ने हिम्मत दिखाई और नदी में छलांग लगा दी। उसने काफी दूर तक तैरकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने गोलू के साहस की सराहना की।

घटना का कारण स्पष्ट नहीं

महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। महिला ने घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी, जबकि स्वजन ने भी इस बारे में कुछ बताने से इनकार कर दिया। घटना के बाद बाजिदपुर रानी पुल के पास काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही।

महिला के नदी में छलांग लगाने को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं हो सकी। राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से पांच वर्षीय बच्चा सुरक्षित बच गया और गोलू बिंद के साहस से महिला की जान भी बच गई।