समस्तीपुर कस्तूरबा की बेटियां सीख रहीं संगीत, भूपाली यमन और बिहाग रागों में हो रहीं पारंगत
Bihar Education News: समस्तीपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राएं संगीत शिक्षक मंगलेश कुमार से ऑनलाइन शास्त्रीय संगीत का ...और पढ़ें

आनलाइन माध्यम से कस्तूरबा बालिका विद्यालय की छात्राओं को संगीत का प्रशिक्षण देते शिक्षक मंगलेश कुमार। छाया : जागरण

समय कम है?
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प्रकाश कुमार, समस्तीपुर। Samastipur Kasturba Vidyalaya: हुनर किसी पहचान की मोहताज नहीं होती, उसे केवल सही दिशा और कुशल मार्गदर्शन की जरूरत होती है।
समस्तीपुर जिले के 25 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की एक हजार से अधिक छात्राएं आज इस बात की मिसाल बन चुकी हैं।
उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बेला पंचरुखी के संगीत शिक्षक मंगलेश कुमार इन बालिकाओं को नियमित रूप से ऑनलाइन माध्यम से शास्त्रीय संगीत का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं।
कला से जुड़ाव की पहल
शिक्षक मंगलेश डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छात्राओं में शास्त्रीय और लोक संगीत की बारीकियों के साथ लय, ताल व भाव की गहरी समझ विकसित कर रहे हैं।
इस नवाचार के माध्यम से ग्रामीण परिवेश से आने वाली बेटियां तकनीक का उपयोग कर समृद्ध भारतीय परंपरा से जुड़ रही हैं।
ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान छात्राओं द्वारा दी जा रही कजरी की मनमोहक प्रस्तुति इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
बढ़ा आत्मविश्वास और एकाग्रता
नियमित रियाज से बालिकाओं में न केवल संगीत के प्रति रुचि बढ़ी है, बल्कि मंच पर प्रस्तुति देने का झिझक और डर भी पूरी तरह समाप्त हुआ है।
छात्राओं का कहना है कि रोजाना एक घंटे के अभ्यास से मन शांत रहता है और पढ़ाई में भी एकाग्रता बढ़ती है। समस्तीपुर प्रखंड की छात्रा वीणा ने बताया कि शारीरिक संकोच को पीछे छोड़ अब वह आत्मविश्वास के साथ गायन में रम चुकी हैं।
सर्वांगीण विकास में मददगार
मोहनपुर की छात्रा रश्मि भारती के अनुसार, उचित मार्गदर्शन मिलने से गायन में सुधार हुआ है और अब वह शास्त्रीय रागों के साथ कजरी जैसी विधाओं को आसानी से समझ पा रही हैं।
कस्तूरबा विद्यालय मोहनपुर की वार्डेन आशा रानी ने बताया कि इस प्रशिक्षण से छात्राओं के व्यक्तित्व में निखार, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता बढ़ी है।
शिक्षक मंगलेश का लक्ष्य इन बेटियों को इतना आत्मनिर्भर बनाना है कि वे भविष्य में खुद संगीत शिक्षिका बनकर अन्य छात्राओं को प्रशिक्षित कर सकें।
मानसिक संतुलन देता संगीत
पूर्व में जेल के बंदियों को भी निशुल्क संगीत सिखा चुके मंगलेश मानते हैं कि संगीत हृदय परिवर्तन का एक अत्यंत सशक्त माध्यम है।
समस्तीपुर कॉलेज की मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रीता चौहान बताती हैं कि संगीत सीखने और सुनने से तनाव, चिंता तथा अवसाद दूर होता है।
नियमित कला अभ्यास से बालिकाओं में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, एकाग्रता और सकारात्मक मानसिक संतुलन विकसित हो रहा है।
