बिहार में बारिश थमी फिर भी उफान पर नदियां, समस्तीपुर के दियारा में घरों और स्कूलों तक पहुंचा पानी
Bihar Flood Update: मोहिउद्दीननगर के दियारा क्षेत्र में गंगा और बाया नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा ...और पढ़ें

मोहिउद्दीननगर के दियारा क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। फोटो: जागरण
संवाद सहयोगी, मोहिउद्दीननगर (समस्तीपुर)। Ganga River Water Level: गंगा और बाया नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मोहिउद्दीननगर के दियारा क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
नदी का पानी अपने पाट से निकलकर दियारा के निचले रिहायशी इलाकों में तेजी से फैलने लगा है। हालांकि अभी गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है लेकिन जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही तो लोगों को भारी तबाही झेलनी पड़ सकती है।
10 पंचायतें अति संवेदनशील
दियारा क्षेत्र की लगभग 10 पंचायतें बाढ़ की दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं। नदियों में उफान देखते ही इन पंचायतों के निचले व ऊपरी इलाकों के ग्रामीण पूर्व की आपदाओं से सबक लेते हुए अपनी सुरक्षा की तैयारियों में जुट गए हैं। बढ़ते जलस्तर का सीधा असर अब स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों पर भी दिखने लगा है।
स्कूल परिसरों में जलभराव
क्षेत्र के कई विद्यालयों के परिसर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है। फिलहाल पानी कम है लेकिन इसका फैलाव बढ़ा तो आवागमन पूरी तरह ठप होने के साथ बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा जोखिम आ सकता है। जिन स्कूलों में पानी घुसा है उन्हें अब तक दूसरे सुरक्षित भवनों में शिफ्ट नहीं किया गया है।
पशुपालकों की बढ़ी मुश्किलें
निचले इलाकों में पानी भरने से हरे चारे की फसलें डूब गई हैं जिससे पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जलस्तर और बढ़ा तो पशुओं को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाना और उनके दाना-पानी का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती साबित होगा। इसके साथ ही ग्रामीण सड़कों पर पानी चढ़ने से गांवों का मुख्य बाजार, अस्पताल और प्रखंड कार्यालय से संपर्क टूटने की आशंका है।
ग्रामीणों ने शुरू की तैयारी
आसन्न खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने अभी से घरेलू सामान और अनाज को ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित रखना शुरू कर दिया है। सुल्तानपुर के भाई रणधीर, कारू सिंह, कुरसहा के कापर जी, महमदीपुर के उपेंद्र भगत और दुबहा के मनोज सिंह ने बताया कि अचानक बाढ़ आने पर अफरातफरी मच जाती है। इसलिए सुरक्षित रहने के लिए समय रहते एहतियाती इंतजाम करना बेहद जरूरी है।
