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समस्तीपुर के हसनपुर धमौन में बाढ़ का प्रभारी सचिव ने लिया जायजा, दिए कड़े निर्देश

Published: Sun, 06 Sep 2026 12:45 PM (GMT+05:30)

समस्तीपुर के प्रभारी सचिव प्रणव कुमार ने हसनपुर धमौन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को ...और पढ़ें

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते अधिकारी। जागरण

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते अधिकारी। जागरण  

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Flood News: भवन निर्माण विभाग के सचिव सह समस्तीपुर जिला प्रभारी सचिव प्रणव कुमार ने रविवार को हसनपुर धमौन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।

उन्होंने जलस्तर की स्थिति, प्रभावित आबादी, आवागमन और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने में किसी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।

राहत कार्यों की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, आपदा प्रबंधन के अपर समाहर्ता राजेश सिंह, बीडीओ, सीओ, थानाध्यक्ष और बाढ़ प्रमंडल के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रभारी सचिव ने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार जानकारी लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को भोजन, शुद्ध पेयजल, दवा और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

संसाधनों की पर्याप्त तैनाती

समीक्षा के क्रम में नाव और नाविकों की उपलब्धता, गोताखोरों की तैनाती, सामुदायिक रसोई और सुरक्षित आश्रय स्थलों का आकलन किया गया। आवश्यकता पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त संसाधन और मानव बल तैनात करने का आदेश दिया गया।

जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत अभियानों का पूरा ब्योरा प्रभारी सचिव के समक्ष रखा।

त्वरित समाधान के निर्देश

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और मौके पर राहत कार्य जारी हैं। इस पर प्रभारी सचिव ने कहा कि आम जनमानस की सुरक्षा और सहूलियत प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को फील्ड, अनुमंडल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय बनाकर पीड़ित परिवारों की समस्याओं का फौरी समाधान करने को कहा।

पशु चारा और स्वास्थ्य

प्रभारी सचिव ने पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि पशुपालकों के लिए पर्याप्त मात्रा में सूखा और हरा चारा उपलब्ध कराया जाए।

इसके साथ ही सिविल सर्जन को जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित मेडिकल टीम भेजने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

तटबंधों पर कड़ी निगरानी

बाढ़ प्रमंडल के अभियंताओं और पदाधिकारियों को तटबंधों व संवेदनशील स्थलों पर दिन-रात पैनी नजर बनाए रखने को कहा गया है। किसी भी बिंदु पर कटाव या रिसाव की आहट मिलते ही तत्काल प्रभाव से तकनीकी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से चौकस रहकर नदी के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव की रिपोर्ट साझा करने को कहा गया है।

कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय

अनुमंडल पदाधिकारी को कंट्रोल रूम के जरिए जलस्तर, प्रभावित टोलों और राहत कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जिला मुख्यालय में 24 घंटे संचालित आपातकालीन संचालन केंद्र पूरे जिले की स्थिति पर नजर रख रहा है। किसी भी आपात सूचना पर सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ फौरन एक्शन लेने का टास्क दिया गया है।