समस्तीपुर में नाबालिग छात्रों को पैसे देकर राजनीतिक आंदोलन के लिए भेजा पटना, दो शिक्षक समेत चार पर FIR
Political Activities Bihar: समस्तीपुर के उजियारपुर में एक निजी कोचिंग संस्थान के दो शिक्षकों समेत चार लोगों पर नाबालिग छात्रों ...और पढ़ें

समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम कोचिंग संस्थान जांच करने पहुंची।
HighLights
उजियारपुर में कोचिंग शिक्षकों पर नाबालिगों को आंदोलन में भेजने का आरोप।
पुलिस ने दो शिक्षकों समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
शिक्षकों को पूछताछ के बाद निजी मुचलके पर देर रात रिहा किया गया।
संवाद सहयोगी, उजियारपुर (समस्तीपुर)। Samastipur Coaching Case: लखनीपुर महेशपट्टी गांव स्थित महेंद्र चौक के समीप एक निजी कोचिंग संस्थान के दो शिक्षकों समेत चार लोगों के विरुद्ध उजियारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आंदोलन के लिए तैयार करने का आरोप
पुलिस ने कोचिंग में पढ़ने वाले नाबालिग छात्रों को कथित तौर पर राजनीतिक गतिविधियों में शामिल कराने और सरकारी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन के लिए तैयार करने का आरोप लगाया है।
उजियारपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष चंद्र प्रकाश राजू के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में शिक्षक सह छात्र संगठन आइसा एवं आरवाईएफ नेता राहुल राय व रोहित पासवान समेत चार लोगों को आरोपित किया गया है।
जांच के लिए एसपी पहुंचे कोचिंग
बताया गया कि मंगलवार की शाम समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम उक्त कोचिंग संस्थान पहुंची। वहां छात्रों से पूछताछ करने के बाद मौके पर मौजूद शिक्षक रोहित पासवान व राहुल राय को पुलिस उजियारपुर थाना ले आई।
थाना परिसर में एसपी के अलावा दलसिंहसराय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा और सर्किल इंस्पेक्टर पिंकी कुमारी ने दोनों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि शिक्षकों से इंटरनेट मीडिया पर वायरल एक वीडियो के संबंध में पूछताछ की गई।
छात्रों को दिया पैसे का लालच
वीडियो को लेकर आरोप है कि छह सितंबर को पटना में आयोजित छात्रों के एक कार्यक्रम में कोचिंग से दर्जनों नाबालिग छात्रों को पैसे का लालच देकर ले जाया गया।
डीएसपी ने बताया कि मामले में दोनों शिक्षकों समेत चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान का निर्देश दिया गया है।
देर रात रिहा हुए
उधर सूचना मिलने पर भाकपा माले के दर्जनभर नेताओं तथा कार्यकर्ताओं एकजुट होकर थाना पहुंचे और दोनों शिक्षकों को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की। देर रात करीब 10 बजे दोनों शिक्षकों से निजी मुचलके का बांड भरवाकर उन्हें हिरासत से मुक्त कर दिया गया।
