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अश्वगंधा और ब्राह्मी की खेती से मालामाल होंगे समस्तीपुर के किसान, 60 हजार रुपये तक अनुदान देगी सरकार

Published: Sun, 27 Sep 2026 02:11 PM (IST)

समस्तीपुर में किसानों को अश्वगंधा और ब्राह्मी की खेती के लिए सरकार 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान देगी।

एआई जनरेटेड फोटो

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HighLights

  1. समस्तीपुर में अश्वगंधा और ब्राह्मी की खेती को मिलेगा बढ़ावा।

  2. किसानों को प्रति हेक्टेयर 60 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।

  3. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले औषधीय पौधों की मांग बढ़ी है।

प्रकाश कुमार, समस्तीपुर। बिहार में समस्तीपुर के किसानों के लिए औषधीय पौधों की खेती को लेकर अच्छी खबर है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में समस्तीपुर में अश्वगंधा और ब्राह्मी की खेती को बढ़ावा देने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दोनों फसलों के लिए 10-10 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार मसाला एवं फूलों के साथ अब औषधीय फसलों की खेती को लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

योजना के तहत किसानों को निर्धारित इकाई लागत पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा। औषधीय पौधों के क्षेत्र विस्तार के लिए प्रति हेक्टेयर इकाई लागत 1.50 लाख रुपये निर्धारित है। इसपर 40 प्रतिशत यानी 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रविधान है।

इसके अनुसार अनुदान की 60 प्रतिशत राशि यानी 36 हजार प्रति हेक्टेयर किसानों को एकमुश्त दी जाएगी। योजना के तहत अश्वगंधा और ब्राह्मी की खेती के लिए पांच हेक्टेयर प्रति रकबा, पंचायत अथवा क्लस्टर चिह्नित किया जाना है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्य के अनुसार, सामान्य वर्ग में समस्तीपुर को अश्वगंधा की खेती के लिए 10 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है।

इसके लिए 3.60 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ब्राह्मी की खेती के लिए भी 10 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए 3.60 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधीय फसलों की मांग बढ़ी

आत्मा के उप परियोजना निदेशक गंगेश कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधीय फसलों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसे देखते हुए उद्यान विभाग ने औषधीय खेती को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि एलोवेरा, तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी और ब्राह्मी जैसी औषधीय फसलों की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे किसानों को बेहतर आमदनी मिलने की संभावना है।

समस्तीपुर जिले में औषधीय फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। अश्वगंधा और ब्राह्मी की खेती किसानों के लिए आय का बेहतर विकल्प बन सकती है। इच्छुक किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। -डॉ. सुमित सौरभ, जिला कृषि पदाधिकारी, समस्तीपुर।