बिहार के लाल ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की नौकरी छोड़ भारत के सेमीकंडक्टर मिशन से जुड़े डॉ कुणाल
Bihar Engineer In Semiconductor Mission: समस्तीपुर के रेपुरा गांव निवासी डॉ. कुणाल कश्यप को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन में डिस्प्ले एवं ...और पढ़ें

डॉ. कुणाल कश्यप (फाइल फोटो)। सौजन्य : स्वयं
HighLights
डॉ. कुणाल कश्यप इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीटीओ बने।
समस्तीपुर के रेपुरा गांव निवासी, इंग्लैंड से लौटे देश सेवा हेतु।
भारत को सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी में वैश्विक पहचान दिलाना लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। India Semiconductor Mission CTO: बिहार के समस्तीपुर जिला अंतर्गत पूसा प्रखंड के रेपुरा गांव निवासी डॉ. कुणाल कश्यप ने भारत सरकार में बड़ी जिम्मेदारी संभाली है।
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन में डिस्प्ले एवं मैटिरियल्स के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) का पदभार ग्रहण किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से रेपुरा गांव सहित पूरे समस्तीपुर जिले में खुशी की लहर है।
इंग्लैंड से देश लौटे
कुणाल के पिता जय नारायण शर्मा बिहार सरकार के सेवानिवृत्त पदाधिकारी हैं और माता शशि चौधरी सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। परिजनों ने बताया कि देशप्रेम से प्रेरित होकर कुणाल इंग्लैंड से भारत वापस लौटे हैं।
उन्होंने विदेश के आकर्षक अवसरों को छोड़कर भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास में अपना योगदान देने का बड़ा निर्णय लिया है।
विदेश में ली शिक्षा
डॉ. कुणाल कश्यप की शुरुआती पढ़ाई नेतरहाट विद्यालय रांची से हुई और उन्होंने कोचीन यूनिवर्सिटी से बीटेक किया। इसके बाद नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से एमएस और ताइवान की नेशनल त्सिंग हुआ यूनिवर्सिटी से नैनो इंजीनियरिंग में पीएचडी की।
उन्होंने ताइवान की ईपीआई स्टार और यूनाइटेड किंगडम के कैंब्रिज में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए गहरा अनुभव हासिल किया।
वैश्विक स्तर पर पहचान
कुणाल ने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत से ही उनके मन में देश के लिए काम करने की इच्छा प्रबल हुई। इसी उद्देश्य से उन्होंने विदेश से लौटकर अपनी मातृभूमि की सेवा करने का फैसला किया।
उनका मुख्य लक्ष्य इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से भारत को सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले प्रौद्योगिकी में वैश्विक पटल पर स्थापित करना है।
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