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पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के रूट पर 140 घर-दुकान बचेंगे या उजड़ेंगे? समस्तीपुर डीएम ने लिया संज्ञान

Published: Sun, 23 Aug 2026 06:42 PM (IST)

समस्तीपुर डीएम ने पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट से सरायरंजन में संभावित जन-धन क्षति पर संज्ञान लिया है। उन्होंने पथ ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

संवाद सहयोगी, सरायरंजन (समस्तीपुर)। पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित अलाइनमेंट से सरायरंजन में संभावित जन-धन की क्षति को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहे जन संघर्ष को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे रूट सुधार जन संघर्ष समिति, सरायरंजन की ओर से सौंपे गए आपत्ति ज्ञापन पर जिलाधिकारी कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए पथ निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर वैकल्पिक मार्ग रेखन पर विचार करने का अनुरोध किया है।

जन संघर्ष समिति के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत निर्गुणी ने 17 अगस्त को जिलाधिकारी से मिलकर ग्रामीणों की ओर से विस्तृत आपत्ति ज्ञापन सौंपा था।

ज्ञापन सौंपने वालों में सुशील कुमार, उमेश झा, सुरेश महतो, विजय झा, किशोरी प्रसाद साह एवं पप्पू साह शामिल थे। समिति ने ज्ञापन में कहा था कि वर्तमान प्रस्तावित रूट से सरायरंजन में करीब 140 घर-दुकान पूरी तरह ध्वस्त होने की आशंका है।

वहीं, करीब 50 वर्ष पुराने केएसआर महाविद्यालय की इंटर बिल्डिंग पूरी तरह तथा डिग्री बिल्डिंग का कुछ हिस्सा प्रभावित होगा। कालेज के करीब दो-तिहाई खेल मैदान के भी समाप्त होने की बात समिति ने कही है।

वैकल्पिक मार्ग पर विचार करने की मांग

समिति ने एनएचएआई के दस्तावेजों में मौजूद कथित विरोधाभासों को भी प्रशासन के समक्ष रखा। बताया गया कि आठ मई 2025 को स्थानीय विधायक की पहल पर जिला एवं अंचल प्रशासन तथा एनएचएआई के कनीय पदाधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद एक वैकल्पिक मार्ग का नक्शा तैयार किया गया था।

समिति के अनुसार, इस वैकल्पिक मार्ग से महज 15 से 20 घर प्रभावित हो रहे थे और केएसआर महाविद्यालय पूरी तरह सुरक्षित रह रहा था। समिति ने आरोप लगाया कि उक्त वैकल्पिक नक्शे को अब तक एनएचएआई को अग्रसारित नहीं किया गया है।

समिति ने मांग की कि न्यूनतम जन-धन क्षति वाले वैकल्पिक मार्ग रेखन को तैयार कर अंतिम रूप दिया जाए। साथ ही, वैकल्पिक मार्ग पर अंतिम निर्णय होने तक वर्तमान विवादित रूट पर भूमि अधिग्रहण, मापी या अन्य अग्रेतर कार्रवाई तत्काल स्थगित रखी जाए।