समस्तीपुर। खुद की जिम्मेदारियों का एहसास। हर किसी की सेवा का प्रयास। बेटियों पर उमड़ती ममता, पति का भी नहीं साथ। ये हैं झारखंड में कोरोना योद्धा पूसा की बेटी रूबी कुमारी। दुमका मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दिलेरी और समर्पित होकर कर्तव्य पर ²ढ़ हैं। ए-ग्रेड नर्स के रूप में विगत 14 वर्षों से सेवा दे रहीं। इन दिनों जिम्मेदारी बढ़ गई है। कोरोना वायरस का संकट गहरा हुआ, तब दुमका मेडिकल कॉलेज का चयन कोरोना संदिग्ध के इलाज के लिए किया गया। रूबी बतौर कोरोना वार्ड इंचार्ज यहां काम कर रहीं। लॉकडाउन आरंभ होने के साथ ही इस मेडिकल कॉलेज को अलर्ट पर रखा गया है। अस्पताल में दो वार्ड को कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित श्रेणी में रखा गया है। एक आइसोलेशन वार्ड, दूसरा क्वारंटाइन। यहां अब तक 10 संदिग्धों की जांच हो चुकी है। संदिग्ध मरीज का सैंपल जांच के लिए रांची भेजा जाता है।

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गले नहीं लगा पातीं बेटियों को

कहती हैं विषम परिस्थितियों में ड्यूटी चुनौतीपूर्ण है। स्वयं के साथ परिवार की चिता रहती है। अपनी सावधानी रखते हुए मरीजों की सेवा ही मेरा धर्म है। अस्पताल की ड्यूटी के बाद सरकारी आवास में जाती हैं। उनकी दो बेटियां उनकी प्रतीक्षा में रहती हैं। बड़ी बेटी वैष्णवी मैट्रिक की परीक्षा दी है, जबकि छोटी निक्की पांचवीं में है। उन्हें देखते ही गले लगाने को जी करता है, पर यह संभव नहीं हो पाता। दूर से ही बच्चों को समझाती हैं। आवास में उनके लिए अलग कमरा निर्धारित है। पति अनुज कुमार शर्मा भी झारखंड के जामताड़ा में मेडिकल लैब टेक्नीशियन हैं। कोरोना को लेकर उनकी ड्यूटी मोबाइल मेडिकल टीम में है। पति-पत्नी एवं बच्चे सब एक-दूसरे से अलग हैं।

रूबी का मायका पूसा प्रखंड के महमदा गांव में है। माता मीना देवी एवं पिता कमलनारायण सिंह की दूसरी संतान हैं। रूबी की ससुराल वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के धर्मपुर गांव में है।

Posted By: Jagran

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