सीतामढ़ी [रवि भूषण सिन्हा]। पूर्व नक्सली नेता व बिहार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी चीफ संतोष झा हत्याकांड में रोजाना नए तथ्य सामने आ रहे हैं। बताया जाता है कि अगर मंगलवार को सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में बच भी जाता तो शिवहर कोर्ट में उसकी हत्या तय थी। इसके लिए सीतामढ़ी से शिवहर कोर्ट तक शूटर लगाए गए थे। जो हर हाल में संतोष की हत्या के लिए तैयार थे। सीतामढ़ी कोर्ट में पेशी के बाद संतोष की पेशी शिवहर कोर्ट में भी होनी थी।

ठेकेदारों ने रुपये दिए, मुकेश ने हथियार

संतोष की हत्या के लिए उत्तर बिहार के बड़े ठेकेदारों ने भी दांव लगाया था। ठेकेदारों के समूह ने एक करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए। आर्म्‍स सीतामढ़ी जेल में बंद मुकेश पाठक ने उपलब्ध कराए थे। ठेका मैनेज के नाम पर पांच प्रतिशत राशि वसूली से ठेकेदारों में संतोष झा के प्रति गहरा रोष था। ऐसे में मुकेश पाठक की मदद से घटना को अंजाम देने का सारा खर्च ठेकेदारों ने दिया।

फिर मुकेश पाठक के शागिर्दों ने मोतिहारी समेत अन्य जिलों से कम उम्र के बदमाशों को पैसों का लोभ देकर हत्या की सुपारी दी।  बताया जा रहा है कि ठेकेदारों ने इतने पैसे खर्च किए कि संतोष झा के तमाम शागिर्द उसके दुश्मन बन गए और अंतत: उसकी हत्या करा दी गई।

शिवहर जेल का कनेक्शन

घटना की साजिश में शिवहर जेल का कनेक्शन भी सामने आया है। इसमें वहां के घटना में शिवहर जेल में बंद एक शातिर का भी नाम सामने आया है। सीतामढ़ी जेल में बंद मुकेश पाठक ने शिवहर जेल में बंद शातिर के साथ मिल कर साजिश रची। इसमें सीतामढ़ी जेल में बंद अन्य कई कुख्यात भी शामिल रहे।

विकास ने उगले कई राज

मौका ए वारदात से गिरफ्तार विकास महतो ने पुलिस के समक्ष कई राज उगले हैं। घटना में शामिल लोगों के नाम का भी उद्भेदन किया है। सुरक्षा कारणों से विकास को बुधवार रात सीतामढ़ी जेल से मुजफ्फरपुर भेज दिया गया। इस बीच डुमरा में दो युवकों को हिरासत में लिया गया। दोनों को पूछताछ के बाद मुक्त कर दिया गया।

दो प्राथमिकी दर्ज

स्पेशल उपस्थापन पुलिस केंद्र प्रभारी सत्यनारायण साफी के आवेदन पर डुमरा थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की गई है। पहली प्राथमिकी में जेल में बंद मुकेश पाठक व गिरफ्तार शूटर विकास महतो के अलावा पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाने के शीतलपुर निवासी डेविल उर्फ आशीष रंजन, फरार शूटर व चकिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित आशीष वस्त्रालय नामक कपड़ा दुकान के कर्मी अजीत कुमार पटेल को आरोपित किया गया है।

इसमें बताया गया कि संतोष झा की पेशी के पूर्व मुकेश पाठक की पेशी हुई थी। पेशी के बाद वह सीजेएम कोर्ट के सामने खड़ा था। इसी बीच गोली मार कर संतोष झा की हत्या कर दी गई। इस दौरान विकास महतो आम्र्स के साथ पकड़ाया। उसने बताया कि मुकेश पाठक के कहने पर उसने हत्या की। उसने भागने वाले साथियों का नाम भी बताया।

वहीं, दूसरी प्राथमिकी में भी इन्हीं आरोपितों को नामजद किया गया है। इसमें बताया गया कि घटना को अंजाम देने के बाद जब साफी ने पुलिसकर्मियों के साथ घेरने की कोशिश की तो बदमाशों ने फायङ्क्षरग कर उनकी हत्या करने की भी कोशिश की। बताया गया कि संतोष झा की हत्या के बाद युवकों ने मुकेश पाठक ङ्क्षजदाबाद के नारे लगाए। विकास की जेब से बिहार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का पर्चा मिला।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस साइलेंट आपरेशन के जरिए जांच में जुटी है। लेकिन, किसी तरह की जानकारी देने से परहेज कर रही है। एसपी विकास वर्मन ने बताया कि मामले की तहकीकात जारी है। शीघ्र ही सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Posted By: Amit Alok

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