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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News: 67 नवनियुक्त शिक्षकों के पदस्थापन में गड़बड़ी, डीईओ और डीपीओ को मिली निंदन की सजा

By Prakash KumarEdited By: Aysha Sheikh
Published: Sat, 18 Nov 2023 01:53 PM (IST)

Samastipur News हाल ही में नवनियुक्त शिक्षकों के पदस्थापन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इसके चलते शिक्षा विभाग ...और पढ़ें

Bihar News: 67 नवनियुक्त शिक्षकों के पदस्थापन में गड़बड़ी, डीईओ और डीपीओ को मिली निंदन की सजा
Bihar News: 67 नवनियुक्त शिक्षकों के पदस्थापन में गड़बड़ी, डीईओ और डीपीओ को मिली निंदन की सजा

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। बिहार लोक सेवा आयोग से नवनियुक्त शिक्षकों को विद्यालय आवंटन में गड़बड़ी मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ-स्थापना) नरेन्द्र कुमार सिंह पर कार्रवाई की गई है।

जिले के दो विद्यालय में रिक्ति से अधिक 67 शिक्षकों को पदस्थापित कर दिया था। शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) सह अपर सचिव सुबोध कुमार चौधरी ने निंदन की सजा दी है।

निर्धारित समय के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित नहीं करने, संतोषजनक उत्तर नहीं देने और विभागीय निर्देश का अनुपालन नहीं किए जाने के आलोक में कार्रवाई हुई। बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम 19 के तहत नियम 14 में वर्णित निंदन की सजा अधिरोपित की गई है।

अपर सचिव ने मांगा था जवाब

जानकारी के अनुसार, जिले में विद्यालय आवंटन में शिक्षकों की युक्तिसंगत एकीकरण नहीं किए जाने एवं मुख्यालय स्तर पर शिक्षकों की पदस्थापन के अंतिम चरण में किए गए सत्यापन के क्रम में भी वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने के कारण एक ही विद्यालय में अधिक शिक्षकों को पदस्थापित कर दिया गया था।

इसको लेकर अपर सचिव ने वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने के कारण एक ही विद्यालय में अधिक शिक्षकों का पदस्थापन होने के विरुद्ध डीईओ और डीपीओ से स्पष्टीकरण किया था। इसमें निर्देश दिया था कि लापरवाही बरतने के मामले में क्यों नहीं निंदन की सजा दी जाए को लेकर चार घंटा के अंदर जवाब समर्पित करने का आदेश दिया था।

67 अध्यापकों का गलत हुआ पदस्थापन

मुख्यालय स्तर पर वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षात्मक बैठक में यह तथ्य सामने आया कि जिला में विद्यालय आवंटन में शिक्षकों का युक्तिसंगत एकीकरण नहीं किया गया है।

शिक्षकों की पदस्थापन के अंतिम चरण में किए गए सत्यापन के क्रम में भी वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने के कारण एक ही विद्यालय में अधिक शिक्षकों का पदस्थापन हो गया था।

मामले को गंभीर बताते हुए उसे लापरवाही एवं आदेश के उल्लंघन का द्योतक बताया गया था। उजियारपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चांदचौर चपता में 42 और विद्यापतिनगर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय ईसापुर में 33 अध्यापकों को पदस्थापित कर दिया गया था। इसमें दोनों विद्यालय में कुल 67 अध्यापक का अधिक पदस्थापन हो गया था।

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