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रेलवे में क्रांति लाने वाली Garib Rath के सफर के 20 साल पूरे, इसके शुरुआत की रोचक है कहानी

Published: Tue, 06 Oct 2026 04:44 AM (IST)

Saharsa Amritsar Garib Rath History: गरीब रथ एक्सप्रेस ने कम खर्च में वातानुकूलित यात्रा के 20 साल पूरे कर लिए ...और पढ़ें

5 अक्टूबर 2006 को सहरसा से अमृतसर के बीच पहली गरीब रथ एक्सप्रेस का परिचालन शुरू हुआ था। वहां से वर्तमान हालत में पहुंची।

5 अक्टूबर 2006 को सहरसा से अमृतसर के बीच पहली गरीब रथ एक्सप्रेस का परिचालन शुरू हुआ था। वहां से वर्तमान हालत में पहुंची।

HighLights

  1. गरीब रथ एक्सप्रेस ने वातानुकूलित यात्रा के 20 साल पूरे किए।

  2. 5 अक्टूबर 2006 को सहरसा-अमृतसर मार्ग पर हुई थी शुरुआत।

  3. बिहार के यात्रियों के लिए किफायती एसी सफर का वरदान।

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Garib Rath Express 20 Years: कम खर्च में वातानुकूलित सफर का सपना सच करने वाली देश की पहली गरीब रथ एक्सप्रेस ने अपने सफर के 20 साल पूरे कर लिए हैं।

5 अक्टूबर 2006 को सहरसा से अमृतसर के बीच पहली गरीब रथ एक्सप्रेस का परिचालन शुरू हुआ था। इस ऐतिहासिक ट्रेन ने बिहार के यात्रियों को एसी क्लास में प्रीमियम रेल यात्रा का एक नया और किफायती विकल्प उपलब्ध कराया।

गरीबों का एसी रथ

गरीब रथ की परिकल्पना उस दौर में की गई थी जब लंबी दूरी की एसी यात्रा आम लोगों की पहुंच से दूर मानी जाती थी।

समस्तीपुर रेल मंडल से जुड़ी यह ट्रेन उत्तर बिहार के यात्रियों के लिए जीवनरेखा बनकर उभरी। पंजाब और दिल्ली जाने वाले कामगारों व आम यात्रियों के लिए यह सेवा वरदान साबित हुई।

20 सालों का सफर

सुरुआती दौर में इस ट्रेन के डिब्बों का डिजाइन और रंग आज के मुकाबले काफी अलग हुआ करता था। बाद में इसे विशिष्ट हरे रंग के कोचों के साथ चलाया गया जिससे इसकी अलग पहचान बनी।

वर्तमान में सहरसा-अमृतसर गरीब रथ को आधुनिक और सुरक्षित लाल रंग के एलएचबी रैक से चलाया जा रहा है।

आधुनिक रंग में ढली

पुराने पारंपरिक कोचों की जगह एलएचबी रैक आने से न केवल ट्रेन की रफ्तार बढ़ी है बल्कि यात्री सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

त्योंहारों के मौसम में आज भी इस ट्रेन में टिकटों की भारी मारामारी देखने को मिलती है। समय बदलने के साथ ट्रेन का स्वरूप बदला, लेकिन कम बजट में एसी सफर की इसकी मूल पहचान आज भी कायम है।