Bihar Weather Update : उत्तर बिहार में 27-28 अगस्त को चार जिलों में भारी बारिश के आसार, मौसम विभाग ने किया अलर्ट
उत्तर बिहार में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा, जिसमें 27 और 28 अगस्त को गोपालगंज, सिवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश की संभावना है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, पूसा (समस्तीपुर)। उत्तर बिहार में मौसम का मिजाज अगले चार दिनों तक बदला रहेगा। आसमान में बादल छाए रहने के साथ कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
27 और 28 अगस्त को गोपालगंज, सिवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों की चिंता बढ़ाने के साथ खेती के लिए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह भी दी है।
कई इलाकों में होगी बारिश
डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले चार दिनों में उत्तर बिहार के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में वर्षा के दौरान गरज और चमक भी देखने को मिल सकती है।
दो दिन भारी वर्षा के आसार
मौसम विज्ञानी डा. ए. सत्तार ने बताया कि 27 और 28 अगस्त को गोपालगंज, सिवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं
अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
15 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान पूर्वी दिशा से हवा चलने की संभावना है। हवा की गति करीब 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। बारिश के साथ हवा चलने से कई इलाकों में मौसम सुहाना रहने की उम्मीद है।
धान की फसल पर रखें नजर
मौसम में नमी बढ़ने के कारण धान की फसल में कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों ने किसानों को तना छेदक और पत्ती लपेटा कीट की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। खेत में कीट का प्रकोप दिखाई देने पर दोपहर के बाद अनुशंसित दवा का छिड़काव करने को कहा गया है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
वैज्ञानिकों ने किसानों से मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती से जुड़े जरूरी काम करने की सलाह दी है। भारी वर्षा की संभावना वाले जिलों में विशेष सावधानी बरतने और खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा गया है।
