समस्तीपुर। जिले के प्लस टू सरकारी स्कूल एवं इंटर कॉलेजों में सरकार के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए छात्राओं एवं अनुसूचित जाति -अनुसूचित जनजाति के छात्रों से इंटर में नामांकन शुल्क लिया जा रहा है। जबकि सभी जाति की छात्रों एवं एससी-एसटी के छात्रों से जीरो पैसा में नामांकन लेना है। इनका नामांकन फैसिलिटेशन सिस्टम फॉर स्टूडेंट्स (ओएफएसएस) सिस्टम के आए मेल के आधार पर ही कर देना है। उनसे किसी प्रकार का नामांकन फार्म एवं नामांकन शुल्क नहीं लेना है। लेकिन उसके बाद भी जिले के अधिकांश कॉलेज में नामांकन शुल्क लिया जा रहा है। जब इसकी शिकायत छात्राएं प्राचार्य से कर रही है तो उन्हें सीधे यह कहा जा रहा है कि उन्हें जहां जाना है जाए यहां बिना शुल्क दिए नामांकन नहीं होगा। स्कूल प्रशासन उनसे 1500 से 2000 तक वसूल रहा है। जबकि सरकार ने छात्राओं एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के लड़कों को इंटर से लेकर पीजी तक की पढ़ाई पूरी तरह से निशुल्क कर दिया है। राज्य सरकार उसे गजट में भी प्रकाशित कर दिया है। यहां के सरकारी प्लस टू स्कूलों के प्राचार्य सरकार के आदेश के ठेंगा तो दिखा ही रहे है। उन्हें जिला के शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों का भी खौंफ नहीं है। वर्जन

प्लस टू स्कूलों में इंटर में नामांकन के दौरान छात्राएं एवं अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के छात्रों से पैसे वसूलने की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने पर एचएम पर कार्रवाई की जाएगी।

बीरेंद्र नारायण,

जिला शिक्षा पदाधिकारी, समस्तीपुर।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस