समस्तीपुर। विभूतिपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित मनरेगा कार्यालय में एक वार्ड सदस्य के पति ने गुरुवार की संध्या पहले तो जमकर हंगामा किया। मनरेगा कर्मियों के साथ गाली- गलौज और अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद कार्यालय से पंचायत जा रहे रोजगार सेवक हिमांशु को घेरकर कार्यालय में बैठाए रखा। यह देख मनरेगा कर्मी अपने-अपने कक्ष से जैसे-तैसे बाहर भागे। हद को तब हो गई जब उसने रोसड़ा एसडीओ और समस्तीपुर डीडीसी को फोन कर कार्यालय की खामियां गिनाते हुए कई सवाल पूछ दिया। इसकी पुष्टि करते हुए रोसड़ा एसडीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि आवास योजना को लाभुकों की पात्रता और मनरेगा से भुगतान संबंधी जानकारी उसके द्वारा मांगी गई थी। इस बात पर उनके स्तर से उसे आवश्यक जानकारी दे दी गई।

मनरेगा कर्मियों के अलावा कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा राजेश कुमार सिंह की मानें तो हंगामा जारी रहने के कारण उनके द्वारा थानाध्यक्ष को मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद सअनि धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे बेलसंडीतारा वार्ड 11 निवासी रंजीत कुमार राय उर्फ रंजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्त में आया रंजीत वार्ड सदस्या रूणा देवी का पति बताया गया है। थानाध्यक्ष चंद्र कांत गौरी ने बताया कि मनरेगा परिसर में एक व्यक्ति द्वारा नशे की हालत में हंगामा की सूचना मिलने पर जब पुलिस वहां पहुंची तो आरोपित भागने का विफल प्रयास किया। मगर, पुलिस बल की मदद से पकड़ लिया गया। उसके मूंह से बदबू आ रही थी और लड़खड़ा भी रहा था। जिसे थाना परिसर लाकर सरकारी ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। इसमें शराब के नशे की पुष्टि होने पर उसे स्थानीय सीएचसी में चिकित्सकीय जांच कराया गया। चिकित्सकों द्वारा उसके शराब पीने की पुष्टि की गई है। चूंकि, सार्वजनिक स्थल पर शराब पीकर हंगामा करना एक संज्ञेय अपराध है। इसलिए, सअनि धीरेन्द्र सिंह के बयान पर कांड अंकित कर आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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