समस्तीपुर। पिछले कुछ दिनों में समस्तीपुर जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस महामारी का वायरस तेजी से प्रसार कर रहा है। जिससे लगातार लोग संक्रमित तो हो रही रहें है, मौतें भी हो रही है। कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक बार फिर दस दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है। यह लॉकडाउन 16 मई से शुरू होगा, जो 25 तक लागू रहेगा। इस लॉकडाउन के दौरान कुछ जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। जिससे आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो। आवश्यक सेवा को छोड़ सभी सरकारी कार्यालय रहेंगे बंद

गृह विभाग के विशेष शाखा के आदेश पर जिला दंडाधिकारी शशांक शुभंकर ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। डीएम ने जारी आदेश में कहा है कि राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे। अपवाद स्वरूप आवश्यक सेवाओं यथा जिला प्रशासन, सिविल डिफेंस, विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति, स्वच्छता, फायर बिग्रेड, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, डाक विभाग से संबंधित कार्यालय यथावत कार्य करेंगे। न्यायिक प्रशासन के संबंध में उच्च न्यायालय के द्वारा जारी आदेश लागू होगा। बैकिग, बीमा एवं एटीएम का संचालन रहेगा पूर्ववत वाणिज्यिक एवं अन्य प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। अपवाद स्वरूप बैंकिग, बीमा एवं एटीएम संचालन से संबंधित प्रतिष्ठान खुले रहेंगे।औद्योगिक एवं निर्माण कार्य से संबंधित प्रतिष्ठान, सभी प्रकार के निर्माण कार्य, ई- कॉमर्स से जुड़ी सारी गतिविधियां,कृषि एवं इससे जुड़े कार्य,प्रिट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टेलीकम्युनिकेशन इंटरनेट सेवाएं, ब्रॉडकास्टिग एवं केबल सेवाओं से संबंधित गतिविधियां, पेट्रोल पंप एलपीजी पेट्रोलियम आदि से संबंधित खुदरा एवं भंडारण प्रतिष्ठान चलते रहेंगे। इस पर रोक नहीं है। महज चार घंटे खुलेंगी सब्जी, फल और दूध की दुकानें

आवश्यक खाद्य सामग्री तथा फल एवं सब्जी ( ठेला पर घूम- घूम कर बिक्री सहित),मांस ,मछली, दूध, पीडीएस की दुकानें महज चार घंटे ही खुलेंगी। सुबह सात से ग्यारह बजे तक ही संचालित होंगे। इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज एवं वेयरहाउस सेवाएं, निजी सुरक्षा सेवाएं अन्य सभी प्रतिष्ठान वर्क फ्रॉम होम के आधार पर कार्य कर सकते हैं। दवा, जांच घर एवं नर्सिंग होम पर नही है रोक

अस्पताल एवं अन्य संबंधित स्वास्थ्य प्रतिष्ठान (पशु स्वास्थ्य सहित) उनके निर्माण एवं वितरण इकाइयां, सरकारी एवं निजी दवा दुकानें , मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एंबुलेंस सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठान यथावत कार्य करेंगे। इस पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। पैदल घूमने पर पर भी लगा प्रतिबंध सार्वजनिक स्थानों एवं मार्गों पर अनावश्यक ( पैदल सहित) पूर्णता प्रतिबंधित रहेगा। सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।

अपवाद स्वरूप पब्लिक ट्रांसपोर्ट में निर्धारित क्षमता के 50 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति रहेगी। केवल रेल, वायुयान अथवा अन्य लंबी दूरी यात्रा करने वालों तथा अनुमान्य सेवाओं से संबंधित व्यक्तियों को ही सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अनुमति होगी। इसके अलावा स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों में संलग्न वाहन एवं स्वास्थ्य परियोजना प्रयुक्त निजी वाहन। अनुमान्य कार्यों से संबंधित कार्यालयों के सरकारी वाहन, वैसे निजी वाहन जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा किसी विशेष कार्य हेतु ई-पास निर्गत है। सभी प्रकार के मालवाहक वाहन। वैसे निजी वाहन जिनमें हवाई जहाज, ट्रेन के यात्री यात्रा कर रहे हैं और उनके पास टिकट हो। कर्तव्य पर जाने के लिए सरकारी सेवकों एवं अन्य आवश्यक अनुमान्य सेवाओं के निजी वाहन, अंतरराज्यीय मार्गों पर अन्य राज्यों को जाने वाले निजी वाहन को छूट दी गई है। स्कूल, कॉलेज, कोचिग संस्थान रहेंगे बंद

सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिग संस्थान, ट्रेनिग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इस अवधि में राज्य सरकार के विद्यालय एवं विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी तरह की परीक्षाएं नहीं ली जाएगी। रेस्टोरेंट्स एवं खाना की दुकानें बंद रहेगी। इसका संचालन केवल होम डिलीवरी के लिए प्रात: 9:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक अनुमान्य होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित ढाबे टेक-होम के आधार पर कार्यरत रह सकते हैं। सभी धार्मिक स्थल आम जनों के लिए बंद रहेंगे। सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन समारोह प्रतिबंधित होंगे। इसके अलावा सभी सिनेमा हॉल, शॉपिग मॉल ,क्लब, स्वीमिग पूल, स्टेडियम, जिम, पार्क एवं उद्यान पूरी तरह बंद रहेंगे। सार्वजनिक स्थलों पर किसी प्रकार के आयोजन सरकारी एवं निजी पर रोक रहेगी। विवाह समारोह में महज 20 लोग होंगे शामिल विवाह समारोह अधिकतम 20 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ आयोजित किए जा सकते हैं, कितु इनमें डीजे एवं बारात जुलूस की इजाजत नहीं होगी। विवाह की पूर्व सूचना स्थानीय थाना को कम से कम 3 दिन पूर्व देनी होगी। अंतिम संस्कार श्राद्ध कार्यक्रम के लिए 20 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा रहेगी।जिलाधिकारी ने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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