समस्तीपुर के बाजारों में नकली कॉस्मेटिक का गोरखधंधा, ब्रांडेड के नाम पर धड़ल्ले से बिक रहे मिलावटी उत्पाद
समस्तीपुर के बाजारों में ब्रांडेड कॉस्मेटिक के नाम पर नकली और मिलावटी उत्पाद धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं, जिससे ग्राहकों को धोखा मिल रहा है।

समस्तीपुर के बाजारों में नकली कॉस्मेटिक का गोरखधंधा (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
समस्तीपुर में ब्रांडेड कॉस्मेटिक के नाम पर नकली सामान।
त्योहारों पर बढ़ जाता है नकली उत्पादों का कारोबार।
पैकेजिंग और रैपर देखकर करें असली-नकली की पहचान।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। बाजार में असली ब्रांड के नाम पर नकली सामान बेचने का खेल बेधड़ जारी है। कॉस्मेटिक और दैनिक उपयोग की सामग्री खरीदते समय ग्राहक जिस ब्रांड पर भरोसा करते है, उसी के नाम और पैकेजिंग से मिलते-जुलते उत्पाद बाजार में बिक रहे है।
जिले में हाल के दिनों में हेयर आयल से लेकर फेस क्रीम व पाउडर के अलावा कई तरह के कास्मेटिक सामान नकली या मिलते-जुलते नाम से कम गुणवत्ता वाले बिक रहे। कई बार इस गोरखधंधे पर प्रशासनिक शिकंजा भी कसा जा चुका है। हालांकि, यह अब भी बदस्तूर जारी है। खासतौर पर पर्व त्यौहार के समय में इसकी बाजार में भरमार रहती है।
नकली और मिलावटी सामानों का भरपूर बिक्री
विशेषकर दुर्गा पूजा में महिलाएं माता के दरबार में श्रृंगार का सामानों का उपयोग खोएछा भरने को करती है। इसमें अधिकांश जगह कम लागत में अधिक मुनाफे के चक्कर में दुकानदार नकली और मिलावटी सामानों का भरपूर बिक्री करते।
पर्व की हड़बड़ी के बीच लोग बिना देखे और बिना जांच पड़ताल के ले लेते है। आम ग्राहक के लिए यह बड़ी चुनौती है कि वह दुकानों पर असली और नकली उत्पाद के बीच अंतर आसानी से नहीं कर सकते। कई बार पैकेट, बोतल और ब्रांड का नाम एक जैसा दिखने के कारण ग्राहक धोखा खा जाते है।
कम कीमत का लालच, भरोसे के साथ समझौता
बाजार में असली ब्रांड के नाम से मिलते-जुलते उत्पाद ग्राहकों को भ्रमित करते हैं। कई ग्राहक कीमत, पैकिंग और ब्रांड का नाम देखकर सामान खरीदते हैं, जबकि उत्पाद की प्रामाणिकता की अलग से जांच नहीं करते। यदि किसी उत्पाद की पैकेजिंग या नाम असली ब्रांड से मिलता-जुलता हो, तो सामान्य ग्राहक के लिए उसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
कॉस्मेटिक सामग्री के मामले में उत्पाद की गुणवत्ता का सीधा संबंध त्वचा और बालों की देखभाल से होता है। यह आपकी खूबसूरती को निखारने के बदले घातक साबित हो सकती है। बेवजह के रोग का कारण बन सकती है।
पैकिंग व रैपर से जान सकते हैं असली व नकली का फर्क
असली और नकली का फर्क आप बोतल और पैकेटों की रैपर व पैकिंग से समझ सकते हैं। बस आपको इन सामान को थोड़ा ध्यान से देखने की जरूरत है। हेयर आयल की ढक्कन और बोतल पर लगे रैपर को देख आप यह समझ सकते हैं कि यह असली है या नकली।
नकली के ढक्कन की बनावट सही नहीं मिलेगी। उसकी नीचे की परत खुरदुरी होगी। जबकि असली बिल्कुल प्लेन होगा। बोतल पर चिपका स्टिकर टेढ़ी होगी। जबकि असली का सही ढंग से सटा हुआ होगा। वह उखाड़ने पर नहीं हटेगा। जबकि नकली आराम से हट जाएगा।
इसी तरह नारियल तेल की बोतल में बोतल असली होता है। जबकि उसका ढक्कन पूरी तरह से नकली। उसका रंग और बोतल के रंग में फर्क होता है। अलग रंग की ढक्कन वाले नकली होगी। इसके अलावा बारकोड स्कैनर से स्कैन करने पर वह सही नहीं दिखाएगा।
फुटपाथी दुकान पर सामान लेने से करें परहेज
मेले या अधिक भीड़ भाड़ वाली जगह के इतर वैध और भरोसेमंद जगह पर पक्के दुकानों से ही कॉस्मेटिक आइटम की खरीदारी करें। फुटपाथ पर खरीदारी से बचना चाहिए। अधिकांश भीड़ भाड़ वाली जगह पर नकली और कम गुणवत्ता वाले सामानों की बिक्री की गतिविधियां बढ़ जाती है। अस्थाई दुकानदार गाढ़ी कमाई के लालच में आपकी जेब पर भाड़ी पर सकते है। इसलिए, सावधान होकर बाजार में खरीदारी करें और जागरूक होकर अपने स्वास्थ्य को बचाएं।
बाजार में जहां भी मिलावट की शिकायत मिल रही है, उन सभी जगहों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। ग्राहक को भी जागरूक रहना चाहिए, ताकि कहीं कोई दुकानदार उन्हें गलत सामान न दे। प्रशासनिक स्तर से लगातार अभियान चलाकर गोरखधंधे पर लगाम लगाया जा रहा है। - राकेश कुमार, एसडीओ, सदर अनुमंडल, समस्तीपुर
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