समस्तीपुर । बिहार विधि लिपिक महासंघ की बैठक शनिवार को विधि लिपिक संघ परिसर में आयोजित हुई। अध्यक्षीय संबोधन में सचिव बैधनाथ झा ने कहा कि राज्य सरकार के समक्ष वर्ष 1988 से लिपिक संघ की मांग लंबित हैं। इसमें बिहार विधि लिपिक अधिनियम एवं कौंसिल की स्थापना करने, कल्याण कोष की स्थापना करने, विधि लिपिकों को कार्य करने के लिए उच्च न्यायालय से लेकर अनुमंडल न्यायालय परिसर में भवन उपलब्ध कराना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मांगों को गजट, नोटिफिकेशन द्वारा पारित करने पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ राज्य सरकार पर नहीं पड़ेगा। यही कारण है कि पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडू के सरकार पूर्व में ही इसे पारित कर चुकी है। सचिव ने कहा कि सरकार द्वारा मांग पूर्ण नहीं करने को लेकर महासंघ द्वारा उच्च न्यायालय में भी मामला दायर किया गया था। जिसमें न्यायालय ने भी मांग को जायज ठहराया हैं। मौके पर वीरेंद्र कुमार झा, मनोज कुमार सिन्हा, विनय प्रसाद सिन्हा, गंगा प्रसाद महतो, रामानंद राय, रामचंद्र प्रसाद ¨सह, रामाकांत चौधरी, संतोष कुमार राय, अजय कुमार, सुर¨वद कुमार शर्मा, संतोष कुमार ¨सह, राम विलास, महेंद्र झा, नन्हु सहनी आदि उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran