हाथ में डिग्री, सामने पकौड़े और बूट पालिश, समस्तीपुर में एनएसयूआई ने मनाया 'बेरोजगार दिवस'
समस्तीपुर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने 17 सितंबर को 'बेरोजगार दिवस' के रूप में मनाया, जहां उन्होंने पकौड़े तलकर और बूट पॉलिश करके बेरोजगारी के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया।
HighLights
एनएसयूआई ने 'बेरोजगार दिवस' के रूप में मनाया।
कार्यकर्ताओं ने पकौड़े तलकर और बूट पॉलिश कर प्रतीकात्मक विरोध किया।
संगठन ने सरकार से रोजगार बढ़ाने और रिक्त पदों पर भर्ती की मांग की।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। हाथ में डिग्री और सामने पकौड़े की कढ़ाई, कोई बूट पालिश करता दिखा तो किसी ने दीप जलाकर बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर गुरुवार को समाहरणालय के समीप एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन चर्चा का विषय रहा। संगठन ने इसे बेरोजगार दिवस के रूप में मनाते हुए रोजगार के अवसर बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।
पकौड़े तलकर जताया विरोध
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) की जिला इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने डिग्री लेकर पकौड़े तलने और बूट पालिश करने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। दीप जलाकर भी बेरोजगारी के मुद्दे को सामने रखा गया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की रोजगार नीतियों पर सवाल उठाए।
दो करोड़ रोजगार के वादे का उठाया मुद्दा
एनएसयूआइ प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव अंशु ने बूट पालिश करते हुए कहा कि प्रतीकात्मक कार्यक्रम के माध्यम से छात्र और युवा बेरोजगारी के मुद्दे की ओर सरकार और आम लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि 2014 में केंद्र में सरकार बनने के समय हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था। संगठन का आरोप है कि करीब 12 वर्ष के कार्यकाल में यह वादा पूरा नहीं हुआ।
कार्यक्रमों पर भी कटाक्ष
कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित कार्यक्रमों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि एक ओर जन्मदिन समारोह हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में छात्र और युवा रोजगार के सवाल से जूझ रहे हैं। सरकार को युवाओं की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
रिक्त पदों पर भर्ती की मांग
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजन कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी और रोजगार के अवसरों की कमी का मुद्दा लोकतांत्रिक तरीके से उठाया गया है। उन्होंने सरकारी विभागों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से पूरी करने की मांग की।
बेरोजगारी भत्ते की भी मांग
संगठन ने शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए प्रभावी रोजगार व कौशल विकास व्यवस्था, सरकारी भर्तियों की नियमित जानकारी और रोजगार संबंधी वादों की प्रगति का सार्वजनिक विवरण जारी करने की मांग की।
युवा नेता राजन शंकर ठाकुर ने बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग रखी।
