समस्तीपुर। नयानगर, बिहार कृषि प्रधान राज्य है। यहां की पूरी अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। इसलिए हमें आगे बढना है तो कृषि को बढावा देना ही होगा। शायद यही सोचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार सरकार की पूरी टीम के साथ हसनपुर प्रखंड के नयानगर पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के टॉप आलाधिकारी भी थे, जो राज्य के विकास के लिए नीति निर्धारण करते हैं। यानि बिहार की पूरी सरकार नयानगर में थी। सीएम अपनी पूरी टीम के साथ यह देखना चाहते थे कि आखिर किस प्रकार नई तकनीक का इस्तेमाल नयानगर के किसान सुधांशु कुमार कर रहे हैं। कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने का कौन सा तकनीक उन्होंने अपनाया है। उनकी खेती की कौन सी ऐसी विशेषता है, जो उनका उत्पादन देश के विभिन्न प्रमुख शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी पहुंचता है। चूंकि आज से ठीक नौ साल पहले राज्य सरकार ने सुधांशु कुमार को किसान श्री की उपाधि से सम्मानित किया था। इस नौ साल में और क्या बेहतर हुआ, इसको नजदीक से देखने, परखने और उसके अनुरूप राज्य के दूसरे किसानों को प्रोत्साहन के लिए नीति निर्धारण करने की मंशा से भी वे पहुंचे थे।

एक घंटे 10 मिनट तक नयानगर में रूके सीएम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ठीक 3.10 बजे में नयानगर हाईस्कूल प्रांगण में बने हेलीपैड पर उतरे। वहां से महज पांच सौ गज की दूरी पर किसान सुधांशु कुमार के खेत में पहुंचे और ड्रीप एरिगेशन विथ फर्टिलाईजेशन सिस्टम का उद्घाटन किया। वहां केले के बगान को देखने के बाद करीब दो किलोमीटर दूर वे लीची का बगान भी देखने को पहुंचे। लीची बगान इसलिए गए कि उनके खेत की लीची देश के कई शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी जाती है। सुधांशु कुमार अपनी खेती दूसरे किसानों से हटकर करते हैं। वे जहां भी रहें, अपने खेतों में नजर हमेशा बनाए रखते हैं। अपने मोबाइल और लैपटॉप में लगे एप से करते हैं। वे देश-दुनियां में खेती के लिए विकसित होने वाले नए औजार को देखते रहते हैं। उन औजारों को अपने खेतों में लाकर उसका उपयोग कर बेहतर उत्पादन करने की हमेशा सोंचते हैं। इन्हीं सोंच को देखने के लिए जब सीएम विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, गृह सचिव आमिर सुबहानी, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय समेत कृषि विभाग के आला अधिकारियों के साथ पहुंचे तो, देखकर दंग रह गए। जैसा उनके बारे में सुना था, उससे कहीं ज्यादा उनके खेतों में पाया। खेतों में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से वे कहीं से भी अपने खेतों की मॉनीटरिग कर सकते हैं। किस खेत में कौन सा कार्य चल रहा है, यह देख सकते हैं। वह जहां भी रहें, वहीं से निर्देश दे सकते हैं।

सीएम बोले, इसलिए जन शिकायत कोषांग बनाया है

सीएम जब 4.20 बजे पटना लौटने के लिए निकले तो कुछ लोगों ने अपने हाथ में रखे आवेदन देना शुरू कर दिया। दो-तीन लोगों का आवेदन उन्होंने लिया। लेकिन बाकी लोगों से कहा कि-इसके लिए उन्होंने जन शिकायत कोषांग खोल रखा है। प्रखंड, अनुमंडल या जिला कहीं भी आप अपना आवेदन इस कोषांग में दे सकते हैं। विधायक और स्थानीय नेताओं से मिलने के बाद वे सीधे पटना के लिए हेलीकॉप्टर से उड़ गए।

Posted By: Jagran

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