Bihar News: आपके आइडिया में है दम तो मिलेगा 10 हजार का इनाम, इंस्पायर अवार्ड की बढ़ी तारीख
केंद्र सरकार की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत स्कूली विद्यार्थियों के नवाचार अपलोड करने की अंतिम तिथि अब 10 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर तक बढ़ी।
विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
चयनित छात्रों को मॉडल बनाने हेतु 10 हजार रुपये मिलेंगे।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । स्कूली विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और नवाचार को राष्ट्रीय मंच देने वाली केंद्र सरकार की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत विद्यार्थियों को एक और अवसर मिला है।
योजना के लिए नवाचार अपलोड करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 10 अक्टूबर कर दी गई है। पहले विद्यार्थियों के आइडिया पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित थी।
समय सीमा बढ़ाए जाने से अधिक संख्या में विद्यार्थी अपने मौलिक वैज्ञानिक विचार और नवाचार योजना में शामिल कर सकेंगे। समस्तीपुर जिले से अब तक 1251 नवाचार पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।
बताया जाता है कि योजना के तहत आइडिया भेजने में सरकारी विद्यालयों की भागीदारी बेहतर है, जबकि निजी विद्यालयों से अपेक्षाकृत कम नवाचार प्राप्त हुए हैं। तिथि बढ़ाए जाने से निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी योजना में भाग लेने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
इंस्पायर मानक योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों के नवाचारों का चयन किया जाएगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के स्वायत्त संस्थान राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान (एनआईएफ) की ओर से संचालित इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवप्रवर्तन और रचनात्मक सोच की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
हर विद्यालय से पांच विद्यार्थियों के विचार होंगे अपलोड
योजना के तहत सभी मान्यता प्राप्त सरकारी, निजी और अनुदानित विद्यालयों को कक्षा छह से 12वीं तक प्रत्येक कक्षा से एक-एक, कुल पांच विद्यार्थियों के विद्यालय स्तर पर चयनित मौलिक विचार एवं नवाचार ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होते हैं।
नामांकन के दौरान विद्यार्थी के विचार का संक्षिप्त विवरण और उसके व्यावहारिक उद्देश्य की जानकारी भी देनी होती है। विचार का विवरण अधिकतम 300 शब्दों में प्रस्तुत किया जाता है।
जिला स्तर पर डीपीओ सह जिला नोडल पदाधिकारी की ओर से पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की जाती है। इसके बाद चयनित नवाचारों को राज्य स्तर पर भेजा जाता है। राज्य स्तर से चयनित नवाचार राष्ट्रीय स्तर पर चयन के लिए अग्रसारित किए जाते हैं।
एक विद्यार्थी को मिलती है 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
विद्यालय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को अपने माडल या प्रोटोटाइप के निर्माण के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह राशि सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। इससे विद्यार्थी अपने मौलिक विचार को मॉडल या प्रोटोटाइप के रूप में विकसित कर सकते हैं।
