Bihar News : किसानों के लिए नई योजना, लीची की बागवानी शुरू करते ही मिलेगा फायदा
कृषि विभाग समस्तीपुर में लीची की बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 'मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हार्टिकल्चर' के तहत ...और पढ़ें
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इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
लीची बागवानी विस्तार के लिए कृषि विभाग की नई योजना।
किसानों को प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये का अनुदान।
समस्तीपुर में 25 हेक्टेयर लीची क्षेत्र का लक्ष्य।
जागरण, संवाददाता, समस्तीपुर । लीची की बागवानी को बढ़ावा देने और क्षेत्र का विस्तार करने के लिए कृषि विभाग नई योजना लेकर आ रही है। मिशन फार इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट आफ हार्टिकल्चर (एमआइडीएच) के तहत लीची की बागवानी के लिए प्रति हेक्टेयर इकाई लागत दो लाख रुपये निर्धारित की गई है।
समस्तीपुर में 25 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें किसानों को 40 प्रतिशत की दर से अधिकतम 80 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। भुगतान दो किस्तों में किया जाएगा।
चयनित किसानों को पौधारोपण के बाद क्षेत्र सत्यापन के आधार पर पहली किस्त का भुगतान किया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन क्लस्टर आधारित तरीके से किया जाएगा।
इसके तहत एक ग्राम पंचायत में अधिकतम 25 हेक्टेयर क्षेत्र को एक क्लस्टर के रूप में शामिल किया जा सकेगा। इससे किसानों को समूह के रूप में लीची की बागवानी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
लीची की वैज्ञानिक खेती के लिए पौधे से पौधे की दूरी 4.5 मीटर गुणा 4.5 मीटर निर्धारित की गई है। इस दूरी के आधार पर एक हेक्टेयर में करीब 494 पौधे लगाए जाएंगे।
योजना के तहत चयनित किसानों को पौधरोपण के बाद क्षेत्र सत्यापन के आधार पर पहली किस्त का भुगतान किया जाएगा। जिला कृषि पदाधिकारी डा. सुमित सौरभ के अनुसार, विभाग का उद्देश्य नई बागवानी के माध्यम से लीची के क्षेत्रफल को बढ़ाने के साथ किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।
दो किस्तों में होगा अनुदान का भुगतान
कुल अनुदान राशि का 60 प्रतिशत यानी 48 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर पहली किस्त के रूप में दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में पौधरोपण के बाद प्रखंड उद्यान पदाधिकारी क्षेत्र का सत्यापन करेंगे।
अनुदान की शेष 40 प्रतिशत राशि यानी 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दूसरी किस्त के रूप में वित्तीय वर्ष 2027-28 में दी जाएगी। इसके लिए लगाए गए पौधों में कम से कम 80 प्रतिशत पौधों का जीवित रहना अनिवार्य होगा।
जिले में पहले से हो रही लीची की बागवानी
समस्तीपुर जिले में 1,130 हेक्टेयर में लीची की बागवानी की जाती है। इसमें 22,878 टन लीची का उत्पादन होता है, यानी औसत उत्पादकता करीब 20.24 टन प्रति हेक्टेयर है।
जिले में मुख्य रूप से शाही और चाइना प्रभेद की बागवानी होती है। पूसा प्रखंड क्षेत्र के हरपुर निवासी सदन कुमार सालाना 30 से 35 एकड़ जमीन पर लीची की खेती करते हैं।
वे अपनी लीची को न केवल स्थानीय स्तर पर बेचते हैं, बल्कि पूरे भारत में बिक्री भी करते हैं। लीची उत्पादक किसान हर्षबर्द्धन झा कहते है कि पौधरोपण के साथ समय पर सिंचाई, पोषण और पौधों की देखभाल की व्यवस्था होने पर नई बागवानी से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
