विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में लेडी रोसेटा आलू की खेती को बढ़ावा, किसानों को मिलेगा 75 प्रतिशत सब्सिडी

Published: Sat, 12 Sep 2026 05:14 PM (IST)

बिहार कृषि विभाग चिप्स और फ्रेंच फ्राइज के लिए लेडी रोसेटा आलू की खेती को बढ़ावा दे रहा है।

लेडी रोसेटा किस्म के आलू। (जागरण)

लेडी रोसेटा किस्म के आलू। (जागरण)

HighLights

  1. लेडी रोसेटा आलू की खेती से खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगा बढ़ावा।

  2. बिहार के 30 जिलों में 1500 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य।

  3. किसानों को 75% अनुदान, महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता मिलेगी।

प्रकाश कुमार, समस्तीपुर। राज्य में आलू उत्पादन के साथ खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग आगे आया है। चिप्स और फ्रेंच फ्राइज बनाने में उपयोग होने वाले लेडी रोसेटा किस्म के आलू की खेती को प्रोत्साहित कर फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जोड़ने की तैयारी है।

इसके लिए राज्य के 30 जिलों में 1500 हेक्टेयर में लेडी रोसेटा आलू की खेती का लक्ष्य है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लेडी रोसेटा के क्षेत्र विस्तार की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

योजना के तहत 14 करोड़ सात लाख 94 हजार 500 रुपये की निकासी एवं व्यय मंजूर की गई है। कृषि विभाग की अपर सचिव कल्पना कुमारी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।

योजना का उद्देश्य प्रसंस्करण योग्य आलू का रकबा बढ़ाने के साथ किसानों की आमदनी में वृद्धि करना है। योजना के तहत बीज सहित प्रति हेक्टेयर कुल अनुमानित लागत एक लाख 25 हजार 150 रुपये निर्धारित की गई है।

किसानों को इसका 75 प्रतिशत यानी 93,863 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। इसका भुगतान दो किस्तों में किया जाएगा। पहली किस्त के रूप में इनपुट एवं उपादान की खरीद के लिए 70,397 रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे।

वहीं, रोपाई के बाद भौतिक सत्यापन होने पर दूसरी किस्त के रूप में 23,466 रुपये प्रति हेक्टेयर का भुगतान किया जाएगा।

जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमित सौरभ ने बताया कि राज्य स्कीम मद से वित्तीय वर्ष 2026-27 में आलू के प्रसंस्करण हेतु उपयुक्त प्रभेद लेडी रोसेटा का क्षेत्र विस्तार की योजना हेतु स्वीकृति मिली है।

रबी मौसम में आलू की खेती अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के द्वितीय सप्ताह तक सफलतापूर्वक किया जाता है।

30 जिलों में अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित

कृषि-जलवायु परिस्थितियों, मिट्टी की बनावट और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए 30 जिलों का चयन किया गया है। समस्तीपुर, पटना, बेगूसराय, वैशाली, बक्सर, गया, गोपालगंज, सारण, नालंदा और भोजपुर में 75-75 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है।

दरभंगा, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, पश्चिम चंपारण, लखीसराय, मधेपुरा, कैमूर, सिवान, नवादा और औरंगाबाद में 50-50 हेक्टेयर तथा मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर, मुंगेर, कटिहार, खगड़िया, शेखपुरा, सुपौल, रोहतास और बांका में 25-25 हेक्टेयर में लेडी रोसेटा की खेती कराने का लक्ष्य है।

दो हेक्टेयर तक खेती पर मिलेगा लाभ

योजना का लाभ न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.10 हेक्टेयर) और अधिकतम पांच एकड़ (2.00 हेक्टेयर) क्षेत्र में लेडी रोसेटा आलू की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा।

रैयत किसानों के अलावा पट्टे या बटाई पर खेती करने वाले भूमिहीन किसान भी इकरारनामा के आधार पर योजना का लाभ ले सकेंगे। योजना में महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुल लाभुकों में 30 प्रतिशत महिला किसानों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है।

डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य होगा। आवेदन बिहार कृषि एप के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

लाभुकों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। पिछले वर्षों में इस योजना का लाभ ले चुके किसानों को चालू वित्तीय वर्ष में दोबारा लाभ नहीं दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- बिहार में ₹100 करोड़ से बनेगा अत्याधुनिक सीमेन स्टेशन, हर साल तैयार होंगी 50 लाख डोज; पशुपालकों के ल‍िए खुशखबरी