विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वर्ष के अंत तक मगध व मिथिलांचल को जोड़ने वाला बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन पुल हो सकता चालू

By Sr. Ajit Kumar Edited By: Ajit kumar
Published: Mon, 09 Mar 2026 04:44 AM (IST)

Bihar Four Lane Bridge: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में निर्माण कार्य की समीक्षा की और तेजी लाने के ...और पढ़ें

Ganga River Bridge Project: इस परियोजना की आधारशिला जून 2011 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी थी। फाइल फोटो

Ganga River Bridge Project: इस परियोजना की आधारशिला जून 2011 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी थी। फाइल फोटो

HighLights

  1. बख्तियारपुर-ताजपुर पुल साल के अंत तक आंशिक रूप से खुलेगा।

  2. संशोधित लागत बढ़कर लगभग 3923 करोड़ रुपये हो गया

  3. यह पुल उत्तर-दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी बढ़ाएगा।

डिजिटल डेस्क, समस्तीपुर। Bakhtiyarpur Tajpur Bridge: उत्तर बिहार के मिथिलांचल और दक्षिण बिहार के मगध क्षेत्र को सीधे जोड़ने वाले बख्तियारपुर–ताजपुर फोरलेन पुल को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। यदि निर्माण कार्य तय समय पर पूरा हुआ तो इस वर्ष के अंत तक इस पुल से आंशिक रूप से आवागमन शुरू होने की संभावना है।

पथ निर्माण विभाग की ओर से एक्स पोस्ट के माध्यम से बताया गया है कि गंगा नदी पर बन रहा बख्तियारपुर–ताजपुर फोर लेन पुल और उससे जुड़ा एप्रोच रोड तेजी से तैयार किया जा रहा है।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पुल का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और इसे जल्द चालू करने की दिशा में काम चल रहा है। 

वर्ष के अंत में चालू करने की योजना 

हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और तय समय सीमा में इसे पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पुल और एप्रोच रोड का निर्माण तेजी से किया जा रहा है और इसे इस वर्ष के अंत तक आंशिक रूप से चालू करने की योजना है। पुल चालू होने के बाद पटना और समस्तीपुर के बीच आवागमन काफी सुगम हो जाएगा। 

उत्तर तथा दक्षिण बिहार में जुड़ाव

यह पुल बनने से गंगा नदी के दोनों किनारों के बीच संपर्क मजबूत होगा और उत्तर तथा दक्षिण बिहार के लोगों को आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी। साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

बख्तियारपुर–ताजपुर पुल, जिसे मगध–मिथिला सेतु भी कहा जाता है, बिहार की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच दूरी कम करना और गंगा नदी पर पहले से मौजूद पुलों पर ट्रैफिक का दबाव घटाना है। 

नेपाल और झारखंड से कारोबारी संपर्क 

इस पुल के निर्माण से पटना के महात्मा गांधी सेतु और मोकामा स्थित राजेंद्र सेतु पर लगने वाले जाम से भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा यह पुल मिथिलांचल को मगध से सीधे जोड़ते हुए नेपाल और झारखंड के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।

परियोजना के तहत यह पुल पटना जिले के बख्तियारपुर (करजान) में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को समस्तीपुर जिले के ताजपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-28 से जोड़ रहा है। इस पूरी परियोजना की लंबाई करीब 51.26 किलोमीटर है, जिसमें गंगा नदी पर मुख्य पुल की लंबाई लगभग 5.57 किलोमीटर है।

वहीं एप्रोच रोड की कुल लंबाई 45.75 किलोमीटर है, जिसमें ताजपुर की ओर 41.25 किलोमीटर और बख्तियारपुर की ओर करीब 4.5 किलोमीटर सड़क बनाई जा रही है। 

इस परियोजना की आधारशिला जून 2011 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी थी। शुरुआत में इसकी लागत करीब 1602 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन निर्माण में देरी के कारण अब इसकी संशोधित लागत बढ़कर लगभग 3923 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। 

90 प्रतिशत काम पूरा 

पुल का निर्माण बिहार राज्य सड़क विकास निगम की निगरानी में नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है, जबकि ताजपुर की ओर करीब 16.2 किलोमीटर सड़क बनकर तैयार है।

अधिकारियों के अनुसार पूरी परियोजना को जून 2027 तक पूर्ण रूप से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि कुछ हिस्सों से वर्ष 2026 के अंत तक आवागमन शुरू कराने की तैयारी चल रही है।