समस्तीपुर। रोसड़ा में बाल विवाह व दहेज प्रथा उन्मूलन से संबंधित अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक गुरुवार को एसडीओ अमन कुमार सुमन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उन्होंने उपस्थित सदस्यों को अभियान की सफलता में योगदान की अपील करते हुए सभी को अपने अपने स्तर से इस दिशा में सहयोग करने पर बल दिया। एसडीओ ने दहेज प्रथा और बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए कहा कि इस पर रोक लगाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। मौके पर उपस्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को विशेष रुप से अभियान पर नजर रखने की नसीहत देते हुए किशोर- किशोरियों तथा अभिभावकों को भी इसके लिए जागरूक करने को कहा। वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारियों को विभिन्न स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। मौके पर अभियान के जिला समन्वयक अरविद कुमार ने बाल विवाह और दहेज उन्मूलन में समस्तीपुर जिले की स्थिति बदतर बताते हुए इसे हाई बर्डन जिला के रूप में घोषित होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सूबे के 42.5 प्रतिशत तथा समस्तीपुर में बाल विवाह की दर 53.5 है। जो कि औसत दर से 11 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिए शिक्षाविदों व समाज के बुद्धिजीवियों को आगे आने की आवश्यकता बताते हुए सभी से सहयोग की अपील की। मौके पर प्रखंड समन्वयक मधु कुमारी, विजय कुमार सिंह के अलावा बीडीओ महताब अंसारी, सीओ नरेंद्र कुमार समेत विभिन्न विभाग के अधिकारी व कर्मी तथा विद्यालयों के शिक्षक मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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