समस्तीपुर। कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तीसरी लहर को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कराए जा चुके हैं। लेकिन मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ करते हुए इस भीषण ठंड में पूरे जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले हैं। क्या इन मासूमों को कोरोना का संक्रमण नहीं होग। क्या उन्हें ठंड नहीं लगेगी। गंभीर बात यह कि केंद्रों को खोलने से पहले सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की कोरोना जांच तक नहीं कराई गई। जबकि पिछले चार महीने से इन आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका से गांव-घरों में लोगों को टीकाकरण दिलाने एवं सर्वे का काम लिया गया था। फिर भी इनकी कोरोना जांच कराए बगैर ही आंगनबाड़ी केंद्रों को खोले गए। जहां केंद्र खुल रहा है, वहां मास्क व सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं कराए गए। आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल उम्र के बच्चे आते हैं। उन्हें शारीरिक दूरी का पालन करने में भी दिक्कत हो रही है। ऐसे में अगर एक भी बच्चा बीमार होता है तो प्रशासन और विभाग पर इसकी जिम्मेदार होगी। आंगनबाड़ी केंद्र आने वाले बच्चों ने नहीं पहना मास्क, केंद्रों पर शारीरिक दूरी की भी उड़ी धज्जियां राज्य सरकार ने कोरोना के कारण सभी शिक्षण संस्थानों को पहले 21 जनवरी तक बंद किया। इसके बाद बंद की अवधि 6 फरवरी तक बढ़ा दी गई। लेकिन, शुक्रवार को दलसिंहसराय अनुमंडल के सभी 269 आंगनबाड़ी केंद्र खुले मिले। यहां बच्चे भी मौजूद रहे। इन केंद्रों पर बच्चों ने न तो मास्क पहना था और न ही उनके बीच कोई शारीरिक दूरी थी। बच्चों को समूह में बिठाकर गरम भोजन परोसा गया। दलसिंहसराय सीडीपीओ निर्मला दास का बयान भी चौंकाने वाला है। निर्मला दास ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखना है। आदेश नहीं मिलने के कारण खुला है आंगनबाड़ी केंद्र सीडीपीओ निर्मला दास ने बताया कि विभाग के द्वारा किसी प्रकार का अब तक निर्देश जारी नहीं किए जाने के कारण प्रखंड में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में बच्चों की बच्चों के बीच संक्रमण बढ़ने की संभावना बढ़ती जा रही है।

एसडीओ को नही है पता कि आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर क्या है कोरोना नियम की गाइडलाइन

बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर दलसिंहसराय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर जब दैनिक जागरण ने दलसिंहसराय एसडीओ ज्ञानेंद्र कुमार से आंगनबाड़ी केंद्रों के गाइडलाइन के बारे में पूछा तो एसडीओ श्री कुमार ने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नही है। उन्होंने कहा कि स्कूल कालेज बंद हैं तो आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद होनी चाहिए।

कोट वन आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय आपदा प्रबंधन विभाग को लेना है। जिस तरह से अन्य संस्थानों को बंद रखने का निर्णय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने लिया है। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का निर्णय ले सकती है। विभाग अपने स्तर पर कोई निर्णय नहीं ले सकती है।

मदन सहनी, मंत्री समाज कल्याण विभाग

कोट टू

मुख्यालय से अबतक आंगनबाड़ी केंद्र को बंद करने का आदेश नहीं मिला है। मार्गदर्शन भी मांगा गया था लेकिन निदेशालय से कहा गया कि जबतक आदेश नहीं जाए संचालित करते रहें।

अलका आम्रपाली

डीपीओ, आईसीडीएस

Edited By: Jagran