विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दीपावली-छठ पर घर आने वालों के लिए नया विकल्प, दिल्ली से बिहार तक कैब; किराया भी तय

By Abhinav KumarEdited By: Dharmendra Singh
Published: Sun, 13 Sep 2026 12:45 PM (IST)

दीपावली और छठ महापर्व के लिए दिल्ली से बिहार आने वाले यात्रियों को अब निजी कैब का नया विकल्प मिल ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. दीपावली-छठ के लिए दिल्ली से बिहार कैब सेवा।

  2. ट्रेन की भीड़ से बचने का सुविधाजनक विकल्प।

  3. पांच सीट के लिए 17 हजार से किराया शुरू।

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । दीपावली व छठ महापर्व में घर लौटने की चाह जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बिहार आने के नए विकल्प भी सामने आने लगे हैं। सोशल मीडिया पर अब दिल्ली जैसे दूर के शहरों से सीधे कैब के जरिए बिहार पहुंचाने के विज्ञापन दिखाई देने लगे हैं।

इनमें परिवार के साथ सीधे आसानी से घर तक पहुंचाने का दावा किया जा रहा। एक तरफ की यात्रा के लिए करीब 17 हजार से 25 हजार रुपये तक किराया बताया जा रहा है।

रेलवे की ट्रेनों में छठ के आसपास सीटों की बुकिंग लगभग फुल हो चुकी है। नियमित ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल है, जबकि विशेष ट्रेनों में भी यात्रियों की भारी भीड़ रहने की संभावना बनी रहती है।

ऐसे में ट्रेन की टिकट की जद्दोजहद और लंबी यात्रा की परेशानी से बचने के लिए परिवार निजी कैब के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। खासकर वैसे परिवार, जिनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग या अधिक सामान है, उनके लिए घर से घर तक पहुंचने वाली कैब सुविधाजनक विकल्प बन सकती है।

पांच सीट के लिए 17 हजार, सात सीट का किराया 22 हजार से शुरू

सोशल मीडिया पर चल रहे विज्ञापनों में पांच सीट वाली कार के लिए करीब एक तरफ की सफर के लिए 17 हजार रुपये से किराये की शुरुआत दिखाई जा रही है। वहीं सात सीट वाली कार के लिए करीब 22 हजार रुपये से किराया बताया जा रहा है।

वाहन, दूरी, यात्रा की तारीख और मांग के अनुसार किराये में बदलाव संभव है। कुछ सेवाओं में यात्रियों को सीधे उनके घर या गांव तक पहुंचाने का विकल्प भी दिया जा रहा है।

दूर-दराज से सड़क मार्ग से लौटते हैं परिवार

छठ में बिहार लौटने का उत्साह ऐसा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले परिवार सड़क मार्ग से भी लंबी दूरी तय करते हैं। गुजरात के जामनगर जैसे सुदूर शहरों से लोग अपनी चार पहिया गाड़ियों से बिहार तक पहुंचते हैं।

दिल्ली से बिहार के लिए बस सेवाएं भी लंबे समय से यात्रियों को उपलब्ध हैं। अब निजी कैब राइड का विकल्प भी इसी कड़ी में लोगों को आकर्षित कर सकता है।

घर तक पहुंचने की सुविधा बन सकती है सबसे बड़ा आकर्षण :

ट्रेन से सफर करने में स्टेशन तक पहुंचने, ट्रेन में भीड़, सामान की चिंता और बिहार पहुंचने के बाद गांव या घर तक जाने की अलग व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके विपरीत कैब से परिवार एक ही वाहन में सीधे अपने घर तक पहुंच सकता है। यही सुविधा इसे महंगा होने के बावजूद कुछ यात्रियों के लिए आकर्षक बना सकती है।

हालांकि कैब बुक करने से पहले किराये में शामिल सुविधाओं, टोल टैक्स, पार्किंग, ड्राइवर शुल्क, रूट, बुकिंग की शर्तों और कैंसिलेशन पॉलिसी की जानकारी जरूर लेनी होगी। इंटरनेट मीडिया पर दिखने वाले किसी भी विज्ञापन के आधार पर भुगतान करने से पहले सेवा प्रदाता की विश्वसनीयता की भी जांच जरूरी होगी।