यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
2000 की नोट में नैनो चिप, सैटेलाइट से पकड़ा जाएगा लोकेशन
समस्तीपुर। काला धन को समाप्त करने के लिए जारी 2000 रुपये के नोट में भारतीय स्टेट बैंक ऑफ में नैनो चिप लगा हुआ है।

समस्तीपुर। काला धन को समाप्त करने के लिए जारी 2000 रुपये के नोट में भारतीय स्टेट बैंक ऑफ में नैनो चिप लगा हुआ है। एसबीआई की मुख्य शाखा के एजीएम केके ¨सह ने सोमवार को बताया कि 2000 रुपये के नोट में लगे जीपीएस चिप की मदद से जहां भी ये नोट मौजूद होंगे उस जगह का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 2000 रुपये का नया नोट काले धन को बाहर निकालने के इरादे से डिजाइन किया गया है। इस नोट में नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है और हर नोट में नैनो जीपीएस चिप मौजूद होगा। इस चिप के लिये किसी तरह की पावर सोर्स की जरूरत नहीं होती। यह सिर्फ एक सिग्नल रिफ्लेक्टर की टेक्नोलॉजी की तरह काम करता है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से सैटेलाइट एनजीसी से लोकेशन जानने के लिए सिग्नल भेजता है। जिसके जरिए लोकेशन व करेंसी का सीरियल नंबर वापस सैटेलाइट को मिलता है। इस तरह एनजीसी से लैस करेंसी को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इतना ही नहीं अगर नोट जमीन से 120 मीटर अंदर भी हो तो भी इसका पता लगाया जा सकता है। इस एनजीसी टेक्नोलॉजी को करेंसी नोट को नुकसान किये बिना नहीं हटाया जा सकता।
