वायनाड भूस्खलन में सहरसा के मजदूर की मौत, टनल प्रोजेक्ट में फोरमैन थे विकास; ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन हादसे में सहरसा के सिमरीबख्तियारपुर प्रखंड के बलथी गांव के विकास कुमार सिंह नामक ...और पढ़ें

वायनाड भूस्खलन में सहरसा के मजदूर की मौत
HighLights
केरल के वायनाड भूस्खलन में सहरसा के मजदूर की मौत।
विकास कुमार सिंह टनल परियोजना में फोरमैन के रूप में कार्यरत थे।
मृतक के स्वजनों ने सरकार से मुआवजे की मांग की।
संवाद सूत्र, सिमरीबख्तियारपुर (सहरसा)। केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को हुए दर्दनाक भूस्खलन हादसे में सिमरीबख्तियारपुर प्रखंड के सरडीहा पंचायत अंतर्गत बलथी गांव के एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई।
घटना की सूचना गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
फोर मैन के रूप में कार्यरत
मृतक की पहचान बलथी गांव के वार्ड संख्या-5 निवासी विनय भूषण के 40 वर्षीय पुत्र विकास कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह रोजी-रोटी की तलाश में केरल गए थे और वहां वायनाड जिले के कल्लाडी क्षेत्र में निर्माणाधीन मेप्पाडी-कल्लाडी टनल रोड परियोजना में फोर मैन के रूप में कार्यरत थे।
स्वजनों ने बताया कि मंगलवार को लगातार हो रही मूसलधार बारिश के बीच निर्माण स्थल पर खुदाई के बाद जमा मलबा अचानक भरभराकर ढह गया। मलबे की चपेट में आने से विकास कुमार सिंह समेत कई मजदूर दब गए। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान उनका शव बरामद किया गया।
हाड़ी से मलबा खिसकने से हुआ हादसा
बताया जाता है कि यह दुर्घटना कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के समीप हुई, जहां कोझिकोड और वायनाड जिले को जोड़ने वाली सुरंग सड़क परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा खिसकने से यह बड़ा हादसा हुआ।

घटना की जानकारी मिलते ही स्वजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां, पत्नी व अन्य स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण लगातार मृतक के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है। इधर, सूचना मिलने पर सरडीहा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य राहुल सिंह मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त स्वजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग
उन्होंने प्रशासन से मृतक के स्वजनों को उचित सरकारी सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। स्वजनों के अनुसार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विकास कुमार सिंह का शव बुधवार की देर रात तक उनके पैतृक गांव बलथी पहुंचने की संभावना है।
शव के गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। गांव के लोगों ने बताया कि विकास मेहनतकश और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे तथा परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी असामयिक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
