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कभी ट्रैक्टर पर नाव तो कभी नाव पर ट्रैक्टर : सहरसा में बाढ़ से पहले सड़क पर उतरी नाव, कोसी के कटाव से खाली होने लगे घर

Published: Mon, 20 Jul 2026 02:49 PM (IST)

सहरसा में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे सलखुआ प्रखंड के हाटी गांव ...और पढ़ें

बाढ़ से पहले सड़क पर नाव! सहरसा में ट्रैक्टर ट्रॉली पर गुजरी नाव, कोसी के भीषण कटाव से गांव में मचा हड़कंप

बाढ़ से पहले सड़क पर नाव! सहरसा में ट्रैक्टर ट्रॉली पर गुजरी नाव, कोसी के भीषण कटाव से गांव में मचा हड़कंप

HighLights

  1. सहरसा में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का खतरा मंडराया।

  2. हाटी गांव में भीषण कटाव, कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर।

  3. ग्रामीणों ने सरकारी मदद की कमी बताई, अधिकारी अलर्ट पर।

जागरण टीम, सहरसा। कोसी के बदलते मिजाज के साथ ही सीमांचल और कोसी क्षेत्र में जिंदगी के मायने और सफर के साधन पूरी तरह बदल जाते हैं। मॉनसून के दस्तक देते ही नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है।

सड़क पर नाव की 'सवारी'

बाढ़ की बढ़ती आशंकाओं के बीच सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड से एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहाँ कभी नाव पर ट्रैक्टर तो कभी ट्रैक्टर की ट्रॉली पर लादकर नाव को उसके गंतव्य तक पहुँचाया जा रहा है।

तटबंध घिरते ही बनेगी सहारा

जैसे ही कोसी का पूर्वी और पश्चिमी तटबंध पानी से घिर जाएगा, तब यही नाव आसपास के दर्जनों गांवों की हजारों की आबादी के लिए आवागमन और जीवन बचाने का एकमात्र सहारा बनेगी।

हाटी गांव पर कटाव का खतरा

एक तरफ बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ नदी के भीषण कटाव ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। हाटी पंचायत के वार्ड नंबर 11 में कोसी नदी का भीषण कटाव गांव के बिल्कुल करीब तक पहुँच गया है।

मुहाने पर पहुंची मुख्य धारा

नदी की मुख्य धारा अब ग्रामीणों के पक्के-कच्चे मकानों के ठीक पास से होकर बह रही है। भीषण कटाव और नदी के विकराल रूप को देखते हुए दर्जनों परिवार अपने-अपने घर खाली कर भागने को विवश हो गए हैं।

ऊंचे स्थानों पर ली शरण

कटाव पीड़ित लोग अपने घर का जरूरी सामान, मवेशी और बच्चों को लेकर गांव के ऊंचे स्थानों व तटबंधों पर शरण ले रहे हैं। बिना किसी सरकारी मदद के लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

अधिकारियों पर उपेक्षा के आरोप

ग्रामीण गणेश गुप्ता ने बताया कि गांव पर मंडरा रहे इस खतरे को लेकर जल संसाधन विभाग और अंचलाधिकारी (CO) को लिखित व मौखिक जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक कोई सुरक्षात्मक पहल नहीं हुई।

खतरे की जद में कई आशियाने

स्थानीय निवासियों के अनुसार गांव के पंकज सिंह, अनिल सिंह, रायबहादुर यादव और अमीर यादव सहित कई लोगों के मकान कभी भी कोसी की तेज धारा में विलीन होकर जमींदोज हो सकते हैं।

डेढ़ लाख क्यूसेक हुआ जलस्राव

कोसी नदी का जलस्राव शनिवार की देर शाम डेढ़ लाख क्यूसेक के आसपास दर्ज किया गया। जलस्तर में अचानक बहुत बड़ी बढ़ोतरी न होने से फिलहाल बाढ़ के बड़े खतरे से राहत महसूस की जा रही है।

बैराज की रिपोर्ट से राहत

पूर्वी कोसी तटबंध सुपौल डिविजन के सहायक अभियंता अमित कुमार वर्मा ने बताया कि वीरपुर बैराज से जारी रिपोर्ट के अनुसार शनिवार शाम छह बजे कोसी का कुल जलस्राव 1 लाख 56 हजार क्यूसेक दर्ज हुआ।

तटबंध पर नहीं है दबाव

सहायक अभियंता ने स्पष्ट किया कि वर्तमान जलस्तर से तटबंध के किसी भी संवेदनशील बिंदु पर कोई दबाव नहीं है। हालांकि, नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण तटवर्ती इलाकों में कटाव की गति तेज हो गई है।

अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभियंताओं की टीम को तटबंधों की सतत निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।

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