8 महीने में फसल तैयार, मुनाफा बेशुमार: G-9 केले की खेती से मालामाल होंगे किसान
उद्यान विभाग ने सहरसा के तीन प्रखंडों में 150 हेक्टेयर में जी-9 प्रभेद के केले की खेती की योजना बनाई ...और पढ़ें

कोसी क्षेत्र में जी-9 केले की खेती से किसानों को मिलेगा बंपर लाभ
HighLights
सहरसा में 150 हेक्टेयर पर जी-9 केले की खेती शुरू।
किसानों को प्रति हेक्टेयर 70 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
जी-9 केला कम समय में अधिक लाभ देगा।
कुंदन कुमार, सहरसा। उद्यान विभाग ने कोसी क्षेत्र के किसानों को लाभांवित करने के लिए क्षेत्र विस्तार योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिले के तीन प्रखंड सत्तर कटैया, कहरा व सोनवर्षा में डेढ़ सौ हेक्टेयर में जी- 9 प्रभेद के केला की खेती की तैयारी की है। इसके लिए इन सभी प्रखंडों के दो-दो गांव में 25-25 हेक्टेयर का कलस्टर बनाया गया है।
इस वर्ष कहरा प्रखंड के पड़री, बनगांव पश्चिमी, सत्तर कटैया प्रखंड के बरहशेर व गंडौल तथा सोनवर्षा प्रखंड के सहसौल व काशनगर में कलस्टर बनाया गया है। इसके अलावा सौरबाजार प्रखंड में अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों का एक कलस्टर बनाया जा रहा है।
खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 70 हजार मिलेगा अनुदान
जी-9 प्रभेद केला की खेती करने वाले किसानों को केला के पौधा पर 75 प्रतिशत अनुदान पर यानि प्रति पौधा 12 रुपये की दर से अनुदान दिया जाएगा। केला का पौधा खरीदने के क्रम में किसानों को महज चार रुपये प्रति पौधा खर्च वहन करना होगा।
75 प्रतिशत जीवित पौधा के आधार पर प्रति हेक्टेयर 70 हजार का अनुदान किसानों को दिया जाएगा। प्रावधान के अनुसार प्रथम वर्ष में प्रति हेक्टेयर केला पौधा का मूल्य काटकर 42 हजार तथा दूसरे वर्ष में 28 हजार का भुगतान होगा।
किसानों को खेती की जानकारी देने और बेहतर उत्पादन के लिहाज से कलस्टर में इसके उत्पादन की योजना बनाई गई है, ताकि इसकी एक जगह से खरीद के लिए भी बाहर के व्यापारियों को सुविधा मिल सके।
बेहतरीन स्वाद व गुणों से भरपूर है जी- 9 प्रभेद केला
जी- 9 प्रभेद केला खाने में अत्यधिक मीठा, स्वादिष्ट होता है। इसमें भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, आयरन व मिनरल्स होता है। इसका फल ठोस, हरा और एक समान आकार का होता है। इस कारण इस केलों की बाजार में बहुत अधिक मांग होती है।
इसका एक गुच्छा लगभग 25- 40 किलो या उससे अधिक होता है, जिसमें एक साथ बहुत सारे और पुष्ट केले लगे होते हैं।
बताया जाता है कि सामान्य केले की फसल 14-15 महीने लगते हैं, जबकि जी- 9 प्रभेद 8- 11 महीने में फल देना शुरू कर देता है। इस लिहाज से इसकी खेती किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।
परंपरागत खेती की अपेक्षा केला की खेती किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। इस लिहाज से विभाग ने प्रथम चरण में डेढ़ सौ हेक्टेयर में 75 प्रतिशत अनुदान पर कलस्टर बनाकर जी-9 प्रभेद के केला की खेती की योजना बनाया है। आने वाले वर्षों में इसका लक्ष्य और बढ़ाया जाएगा। - शैलेन्द्र कुमार, सहायक निदेशक, उद्यान विभाग सहरसा
