विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कुत्तों के आतंक से दहशत में सहरसा, जनवरी के 5 दिनों में 55 कुत्ता काटने के मामले;प्रशासन की अनदेखी से परेशान लोग

Published: Thu, 08 Jan 2026 02:24 PM (IST)

सहरसा जिले में कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे लोग दहशत में हैं। जनवरी के ...और पढ़ें

कुत्तों के आतंक से दहशत में सहरसा

कुत्तों के आतंक से दहशत में सहरसा

HighLights

  1. सहरसा में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है।

  2. जनवरी के 5 दिनों में 55 लोग कुत्ते के शिकार हुए।

  3. प्रशासन द्वारा कुत्तों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

जागरण संवाददाता, सहरसा। जिला में कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुत्ता को शेल्टर हाउस में डालने एवं नसबंदी को लेकर विभागीय निर्देश के बाद भी वर्तमान में कोई प्रयास नहीं होता दिख रहा है। 

नतीजा है कि पूरे जिले में लोग कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। ऐसे कुत्तों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़क पर आवारा कुत्ता सहित घर के पालतु कुत्ता के शिकार लोग हो रहे हैं।

सुई लेने की अस्पतालों में बढ़ी भीड़ 

कुत्ता काटने से घायल लोगों की सुई लेने की भीड़ अस्पताल में बढ़ी हुई है। हर माह सिर्फ सदर अस्पताल में कुत्ता काटने संबंधित सुई लेने के लिए औसतन 250 लोग पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन आठ से दस लोग कुत्ता काटने के बाद सुई लगाने पहुंचते हैं। 

वहीं बीते वर्ष 2025 में कुत्ता काटने से घायल 2772 लोग सदर अस्पताल पहुंचकर सुई लगवायी। वहीं जनवरी में सिर्फ पांच दिनों में 55 लोग कुत्ते का शिकार हो चुके हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग एवं महिलाएं सभी आयु वर्ग के लोग कुत्ता का शिकार हो रहे हैं।

इसके बाद सुई लगाने अस्पताल का भागदौड़ करनी पड़ती है। सदर अस्पताल के अलावा सभी पीएचसी में भी कुत्ता काटने का सुई लगायी जाती है। यह आंकड़ा जिला में कुत्तों के आतंक के पर्याय को दर्शाता है।

हाल ही में दिया गया था कुत्तों को पकड़ने का आदेश

न्यायालय के निर्देश पर सभी नगर निगम को आवारा कुत्तों को पकड़ने का आदेश दिया गया था। ऐसे कुत्तों को पकड़कर शेल्टर हाउस चिन्हित कर वहां रखकर उसे सुई लगाने एवं नसबंदी को कहा गया था। लेकिन अभी तक जिला में ऐसे कुत्तों को पकड़ने को लेकर कोई ठोस कवायद शुरू नहीं हो पाई है।