संस, सहरसा: आउटसोर्स व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने, पीएफआरडीए रद्द करने, सभी एनपीएस प्रभावित कर्मचारियों को पुरानी परिभाषित में शामिल करने समेत अन्य मांगों को लेकर शनिवार को सरकारी कर्मचारियों ने विरोध दिवस मनाया। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने भोजनावकाश के समय समाहरणालय के आगे जुटकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी किया। बाद में अपर समाहर्ता के माध्यम सरकार को नौ सूत्री मांगपत्र दिया। महासंघ ने अप्रैल में बेगूसराय में संपन्न राष्ट्रीय सम्मेलन के निर्णयानुसार यह अखिल भारतीय मांग दिवस मनाया।

संबोधित करते हुए महासंघ के जिलामंत्री शरद कुमार ने कहा कि मानवता अब बहुत कठिन परिस्थिति से

गुजर रही है। पूंजीवादी शोषण अपने सबसे विकराल रूप को प्रकट कर रहा है। महामारी के बीच भी कारपोरेट पूंजीवादी ताकतें मुनाफे के लिए अथक प्रयास कर रही हैं। भारत में देश की परिसंपत्तियां लूटी जा रही है और केंद्र सरकार और कारपोरेट्स के बीच गठजोड़ से मेहनतकश लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। सरकारी कर्मियों व अन्य श्रमिकों पर चौतरफा हमला हो रहा है। ऐसे में संघर्ष ही मजदूर संगठनों के लिए एकमात्र हथियार बचा है।

कर्मचारी महासंघ ने मांगपत्र के माध्यम से छठा, सप्तम वेतनमान के बकाया का भुगतान करते हूए एसीपी ,एमएसीपी का लाभ प्रदान करने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण और सरकारी विभागों का घटाना बंद करने और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन में

महासंघ के अध्यक्ष बलराम पासवान, समाहरणालय संघ के अध्यक्ष प्रभात कुमार सिंह, मंत्री समरेंद्र सिंह , श्यामलकिशोर, सतीश कुमार, बमबम झा, सूरज, रमण, प्रियंका भारती, मीरा, प्रमंडलीय मंत्री संतोष झा ,बमबम झ ,देवकृष्ण झा, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ से सावन कर्ण, रामप्रकाश चौधरी, सुकुमार चौधरी, विद्यानंद वर्मा ,धर्मेंद्र ,अभिषेक कुमार,पंकज झा ,प्रियांशु सिंह ,संजय मोहंती, पवन किशोर, शिक्षा अनुसचिवीय संघ के ललित नारायण मिश्र, राजेश नंदन झा, अमरनाथ चौबे, कृष्ण कुमार ,शशिषेखर सिंह ,सुभाष ठाकुर, अजय कुमार ,प्रभात कुमार, पीएचडी संघ से बच्चा सिंह, गोविद झा ,उदय नारायण सिंह ,कृषि विभाग से चन्देश्वरी राम, हर्षवर्धन ,कृषि सलाहकार संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध पटेल, अजय कुमार झा, सिचाई एवं काडा संघ से अमित भारद्वाज, खगेस सिंह आदि मौजूद रहे।

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