सहरसा। राजद से राज्यसभा सांसद सह राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. मनोज झा ने कहा कि आने वाला चुनाव हम भारत के लोग बनाम हम नागपुर के लोग के बीच होगा। नफरत व घृणा की राजनीति को देश का आवाम स्वीकार नहीं करता है।

वह बुधवार को सर्किट हाउस में एक विशेष वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने सवर्णों के आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि वर्ष 2011 में जातिगत सर्वे करवाया गया था। लेकिन उसकी रिपोर्ट पर कुंडली मार कर लोग बैठे हुए हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने पर ही यह स्पष्ट होगा कि किसी जाति के लोग क्या कर रहे हैं और किसमें कितनी गरीबी है। इस रिपोर्ट को सरकार जारी करे और देश की संसद में इस पर बहस हो। उन्होंने आने वाले चुनाव में महागठबंधन के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार की घोषणा पर कहा कि पहले कौन-कौन इस गठबंधन में है और कौन-कौन नागपुर वाले लोगों के साथ है यह स्पष्ट हो जाए। इसके बाद मुद्दे तय हो जाएं सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल ढ़ाई लोग मिल कर सरकार चला रहे हैं। आरएसएस पर अपनी टिप्पणी करते हुए कहा कि वो संस्कृति की बात करते हैं लेकिन संस्कृति को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाते हैं। वो चुनाव नहीं लड़ते लेकिन परोक्ष रूप से चुनाव लड़वाते हैं। वो राजनीति में खुले तौर पर नहीं हैं लेकिन परोक्ष राजनीति करते हैं। कहा कि संघ नफरत व घृणा की राजनीति के सूत्रधार रहे हैं। लेकिन अवाम ऐसी राजनीति को हमेशा नकारता रहा है। भविष्य की राजनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के सामने आनवाले समय में कोई विकल्प नहीं होगा जब हम भारत के लोग और नागपुर वाले लोगों के बीच चुनाव होगा। कहा कि आने वाले चुनाव में किसान, दलित-पिछड़ा, युवा, बेरोजगारी, मध्यम वर्ग व महिलाओं की सुरक्षा व विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। इस मौके पर युवा राजद के राष्ट्रीय सचिव अजय कुमार ¨सह भी मौजूद थे।

Posted By: Jagran