सहरसा। कैश क्रेडिट ऋण ससमय वापस नहीं करने वाली सहकारी समितियों को डिफाल्टर (व्यक्तिक्रमी) की श्रेणी में मानते हुए सहकारिता विभाग ने संबंधित समिति के अध्यक्ष व प्रबंध समिति सदस्य को चुनाव से वंचित करने के साथ-साथ व्यवसाय पर भी रोक लगा दिया है। इन समितियों को खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धन की खरीद पर रोक लगा दी गई है। जिला सहकारिता पदाधिकारी सैयद मशरूक आलम ने यह कार्रवाई निबंधक सहयोग समितियां पटना के पत्र के आलोक में किया है। डीसीओ ने बिहार राज्य सहकारी अधिकोष लिमिटेड शाखा बीहट बेगुसराय द्वारा विभिन्न परियोजनाओं में कैश क्रेडिट की ऋण वापस नहीं करने के मामले में उपलब्ध कराए गए जिला के डिफाल्टर समिति की प्राप्त सूची के आधार पर धान खरीद पर रोक लगाया है।

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136 समितियों का होगा चुनाव

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समितियों को डिफाल्टर घोषित किए जाने के बाद अब महज 136 पैक्सों व उसकी प्रबंध समिति का चुनाव होगा। निर्वाचन हेतु जिन समितियों का चुनाव किया गया है,उयमें कहरा के 11, सौरबाजार के 14, नवहट्टा के 11, सिमरीबख्तियारपुर के 20 , सत्तर कटैया के नौ, सोनवर्षा के 16, महिषी के 16, सलखुआ के आठ, पतरघट के नौ, और बनमा इटहरी के छह पैक्स शामिल है। इसके अलावा अन्य समिति डिफाल्टर की श्रेणी में है। जिसके चुनाव और व्यवसाय पर भी रोक लगा दी गई है। ये समितियां धान की भी खरीद नहीं कर पाएगी।

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जो सहकारी समितियां डिफाल्टर की श्रेणी में है, उसके अध्यक्ष एवं प्रबंध समिति सदस्यों को चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया गया है। ऐसे समितियों को धान खरीद की भी इजाजत नहीं दी गई है। इन समितियों पर अन्य विधिसम्मत कार्रवाई भी की जा रही है।

सैयद मशरूक आलम

डीसीओ, सहरसा।

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