सहरसा में उफनती कोसी ने रोका डेंगराही महासेतु का काम, 414 करोड़ के प्रोजेक्ट पर लगा ब्रेक
कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने सहरसा के सलखुआ में निर्माणाधीन डेंगराही-खोचरदेवा महासेतु के कार्य को रोक दिया है। तेज ...और पढ़ें

सहरसा में उफनती कोसी ने रोका डेंगराही महासेतु का काम

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संवाद सूत्र, सलखुआ (सहरसा)। कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने सलखुआ प्रखंड के डेंगराही-खोचरदेवा के बीच निर्माणाधीन उच्च स्तरीय महासेतु के निर्माण कार्य की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। तेज बहाव और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण निर्माण एजेंसी ने नदी के भीतर किए जा रहे कई महत्वपूर्ण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, कोसी का तेज बहाव निर्माणाधीन पाया तक पहुंच चुका है। निर्माण स्थल के आसपास बड़े क्षेत्र में पानी फैल जाने से मजदूरों और तकनीकी कर्मचारियों के लिए कार्य करना मुश्किल हो गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी मशीनों का संचालन तथा वेल के आसपास होने वाले तकनीकी कार्य फिलहाल बंद कर दिए गए हैं।
दो वर्षों से चल रहा निर्माण, फिर भी रफ्तार धीमी
डेंगराही घाट पर कोसी नदी पर 414 करोड़ रुपये की लागत से उच्च स्तरीय महासेतु निर्माण की स्वीकृति करीब दो वर्ष पूर्व मिली थी। यह परियोजना कोसी पार के लाखों लोगों की वर्षों पुरानी मांग रही है। हालांकि विभागीय स्तर पर धीमी प्रगति और अन्य कारणों से निर्माण कार्य अब तक अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका है।
लाखों लोगों की उम्मीदों का पुल
निर्माणाधीन महासेतु कोसी पार के लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा माना जा रहा है। पुल बनने के बाद वर्षभर निर्बाध आवागमन संभव होगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोसी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो निर्माण कार्य में और विलंब हो सकता है, जिससे लोगों को लंबे समय तक आवागमन की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल, नदी के दोनों किनारों के सूखे हिस्सों में बेल फाउंडेशन का कार्य जारी है, लेकिन नदी के भीतर का निर्माण बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हो गया है।
निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारी लगातार कोसी नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही जलस्तर सामान्य होगा, नदी के भीतर का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा और परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
