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जलते एम-2 कोच के साथ दौड़ती रही कोसी एक्सप्रेस ट्रेन, सिमरीबख्तियारपुर में गेटमैन की नजर न पड़ती तो होता बड़ा हादसा

Published: Wed, 12 Aug 2026 09:01 AM (IST)

कोसी एक्सप्रेस के एम-2 कोच में आग लगने से सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन पर बड़ा हादसा टल गया। गेटमैन की सतर्कता और ...और पढ़ें

HighLights

  1. कोसी एक्सप्रेस के एम-2 कोच में लगी आग।

  2. गेटमैन की सतर्कता से टला बड़ा रेल हादसा।

  3. ब्रेक बाइंडिंग को आग का प्रारंभिक कारण माना।

संवाद सूत्र, सिमरीबख्तियारपुर (सहरसा)। पूर्व मध्य रेलवे के सहरसा-मानसी रेलखंड स्थित सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन पर बुधवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। हटिया से पूर्णिया कोर्ट जा रही गाड़ी संख्या 18625 'कोसी एक्सप्रेस' बर्निंग ट्रेन बनने से बाल-बाल बच गई।

ट्रेन जैसे ही सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन पहुंची, उसके एम-2 (M-2) कोच के नीचे से अचानक तेज लपटें और धुआं निकलने लगा। यह देख यात्रियों के बीच भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। रेलवे कर्मचारियों ने आनन-फानन में एम-2 कोच में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और दूसरे डिब्बों में शिफ्ट किया।

Kosi Express Fire Major Accident Averted in Simri Bakhtiyarpur (1)

गेटमैन की सतर्कता से समय रहते मिली जानकारी, बड़ा हादसा टला

जानकारी के मुताबिक, कोसी एक्सप्रेस जैसे ही रानीबाग ढाला के समीप से गुजर रही थी, वहां तैनात गेटमैन सुदीन कुमार की नजर एम-2 कोच के नीचे से निकल रहे घने धुएं पर पड़ी। उन्होंने बिना गंवाए तत्काल इसकी सूचना सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन अधीक्षक को दी।

Kosi Express Fire Major Accident Averted in Simri Bakhtiyarpur (3)

ट्रेन जब प्लेटफॉर्म संख्या एक पर रुकी, तो आग की लपटें दिखाई देने लगी थीं। रेलकर्मियों ने कोच में मौजूद फायर एक्स्टिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता न मिलने पर तुरंत दमकल विभाग को बुलाया गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

Kosi Express Fire Major Accident Averted in Simri Bakhtiyarpur (2)

43 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन, ब्रेक बाइंडिंग की आशंका

कोसी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटे की देरी से सुबह 5:30 बजे सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन पहुंची थी। आग बुझने के बाद सुरक्षा जांच पूरी कर सुबह 6:13 बजे ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन करीब 43 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही।

समय रहते सतर्कता बरतने के कारण इस घटना में किसी भी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है। प्रारंभिक जांच में आग का कारण ब्रेक बाइंडिंग (Break Binding) माना जा रहा है, हालांकि रेलवे प्रशासन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

सिमरीबख्तियारपुर में जानकी एक्सप्रेस का इंजन फेल

सहरसा-मानसी रेलखंड स्थित सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन के पास मंगलवार की अहले सुबह मनिहारी से जयनगर जाने वाली गाड़ी संख्या 15283 'जानकी एक्सप्रेस' का अचानक इंजन फेल हो गया। स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले हुए इस तकनीकी व्यवधान के कारण ट्रेन के पहिये थम गए, जिससे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

इंजन में आई खराबी के बाद लोको पायलट ने इसे स्थानीय स्तर पर ठीक करने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद ट्रेन को सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर खड़ा कर दिया गया। लोको पायलट ने तुरंत मामले की सूचना समस्तीपुर रेल मंडल कंट्रोल रूम और स्थानीय अधिकारियों को दी।

सहरसा से दूसरा इंजन आने के बाद रवाना हुई ट्रेन, सवा दो घंटे लेट

स्थानीय रेल अधिकारियों और तकनीकी टीम द्वारा जांच के बाद भी जब इंजन चालू नहीं हो सका, तो सहरसा से वैकल्पिक इंजन भेजने का निर्णय लिया गया। सहरसा से दूसरा रेल इंजन सिमरीबख्तियारपुर भेजा गया, जिसे ट्रेन में जोड़ा गया।

इंजन बदलने के बाद जानकी एक्सप्रेस सुबह 6:15 बजे जयनगर के लिए रवाना हो सकी। तड़के करीब 4:00 बजे स्टेशन पहुंची जानकी एक्सप्रेस इंजन बदलने की प्रक्रिया के कारण करीब 2 घंटे 15 मिनट तक सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन पर ही रुकी रही।

यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी फजीहत, अन्य ट्रेनें भी हुईं प्रभावित

ट्रेन के सवा दो घंटे तक स्टेशन पर खड़े रहने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। अहले सुबह उमस और गंतव्य तक पहुंचने की जल्दबाजी के बीच यात्री काफी बेबस नजर आए।

विशेष रूप से उन यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं, जिन्हें आगे किसी अन्य स्टेशन से कनेक्टिंग ट्रेन पकड़नी थी। इस घटना के कारण रेलखंड पर अन्य कई ट्रेनों के सुचारू परिचालन पर भी प्रतिकूल असर पड़ा।