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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार के विद्यालय में अटेडेंस पर सख्ती, 15 दिनों तक गायब रहने वाले बच्चों का कटेगा नाम

By Kundan SinghEdited By: Shashank Shekhar
Published: Wed, 06 Sep 2023 03:53 PM (GMT+05:30)

बिहार में सरकारी स्कूलों के बच्चों के अटेंडेंस को लेकर अब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक सख्त ...और पढ़ें

बिहार के विद्यालय में अटेडेंस पर सख्ती, 15 दिनों तक गायब रहने वाले बच्चों का कटेगा नाम
बिहार के विद्यालय में अटेडेंस पर सख्ती, 15 दिनों तक गायब रहने वाले बच्चों का कटेगा नाम

HighLights

  1. दो स्कूल में नाम लिखवाने वाले छात्रों को भी चिह्नित करने का निर्देश
  2. तीन दिन अनुपस्थित रहने पर बच्चों को विद्यालय प्रधान भेजेंगे नोटिस

संवाद सूत्र, नवहट्टा(सहरसा): बिहार में सरकारी स्कूलों में लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों पर अब शिक्षा विभाग एक्शन लेना शुरू कर दिया है। अब जो भी बच्चे ज्यादा दिनों तक स्कूल से गायब रहेंगे तो उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद सभी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत अनिवार्य कर दिया गया है। सहरसा के भी सभी स्कूलों में यह प्रभाव लागू हो गया है।

15 दिन तक गायब रहने पर कटेगा नाम 

बीआरसी से मिली जानकारी के अनुसार, जो विद्यार्थी लगातार तीन दिनों तक अनुपस्थित रहते हैं उन्हें संबंधित विद्यालय के प्रिसिंपल द्वारा नोटिस भेजा जाएगा।

वहीं, लगातार 15 दिन विद्यालय नहीं आने वाले बच्चों का नाम काट दिया जाएगा। साथ ही बीच-बीच में स्कूल आने वाले बच्चों को चिह्नित करने का निर्देश सभी प्रधानाध्यापकों को दिया गया है।

शिक्षकों को यह निर्देश दिया गया है कि बच्चों के अभिभावकों से बातचीत कर उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दें। साथ ही प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षक अब हर दिन विद्यार्थियों को होम वर्क देने का निर्देश जारी किया गया है ताकि बच्चों की पढ़ाई बेहतर हो सके।

प्रत्येक छात्रों की होगी ट्रैकिंग

अब विद्यालय के प्रत्येक छात्र की ट्रैकिंग किए जाने की जिम्मेदारी बीईओ को दिया गया है। इसमें में यह देखने को कहा गया है कि छात्र दो विद्यालय में तो अपना नाम तो नहीं लिखवा रखा है।

वहींय यह भी निर्देश दिया गया है कि मॉनिटरिग से यह पता चलेगा कि डीबीटी प्राप्त करने के लिए कहीं बीच-बीच में विद्यालय तो नहीं आ रहा है। ऐसे छात्रों को चिह्नित कर उनका भी नामांकन रद्द किया जाएगा। नामांकन रद्द होने से विभागीय राशि की भी बचत होगी।

नवहट्टा के बीईओ सत्यप्रकाश सिंह ने कहा, "इस तरह के निर्देश से अब विद्यालय से केवल सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए नाम लिखवान वाले बच्चों को लाभ से वंचित होना होगा। निर्देश के अनुपालन की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।"