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सहरसा सदर अस्पताल में नवजात की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाया बच्चा बदलने का आरोप

Published: Sun, 06 Sep 2026 05:57 PM (GMT+05:30)

सहरसा सदर अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और बच्चा बदलने का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते परिजन। (जागरण)

अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते परिजन। (जागरण)

HighLights

  1. सहरसा सदर अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा।

  2. परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और बच्चा बदलने का आरोप लगाया।

  3. मामले की जांच के लिए सदर थाना में आवेदन दिया गया।

जागरण संवाददाता, सहरसा। सदर अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मियों की लापरवाही एक बार फिर सामने आयी है। अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती एक नवजात शिशु की मौत के बाद रविवार को स्वजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और बच्चा बदलने का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

वहीं, मामले में स्वजन द्वारा सदर थाना में आवेदन दिया है। पीड़ित रवि कुमार पिता महेश प्रसाद साह डीबी रोड गांधी पथ निवासी ने बताया कि मेरी गर्भवती पत्नी अंजनी कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

चिकित्सक नीरज कुमार की सलाह पर शाम पांच बजे ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ था। बच्चा कमजोर होने का हवाला देकर चिकित्सक ने उसे एसएनसीयू में भर्ती कर दिया।

अचानक बिगड़ी तबीयत

स्वजन का आरोप है कि तीन दिनों तक किसी भी स्वजन को बच्चे से मिलने नहीं दिया गया। रविवार की सुबह 10 बजे पिता को बताया गया कि बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई है, उसे सांस लेने में अधिक कठिनाई हो रही है लेकिन तब भी मिलने नहीं दिया गया।

कुछ ही घंटों बाद चिकित्सकों ने बच्चे की मौत की सूचना दी। स्वजन का आरोप है कि मौत के बाद कागजी कार्रवाई के दौरान उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई और कागजात मांगने पर अस्पताल कर्मियों ने प्रमाण देने से इनकार कर दिया।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब नवजात बच्चे की शव पिता को सौंपा गया तो बच्चे का शक्ल और कपड़े बदले हुए थे जो जन्म के समय नहीं थे।

स्वजन को आशंका है कि कहीं उनका बच्चा बदल तो नहीं दिया गया है। फिलहाल स्वजन ने सदर थाना में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।